उन्हेल (उज्जैन)। कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए उन्हेल थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया डाबी में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव उसी के खेत में लावारिस हालत में पड़ा मिला। मृतक की शिनाख्त भारत सिंह (उम्र 30 वर्ष), पिता भगवान सिंह के रूप में हुई है। साक्ष्य विधि और प्रथम दृष्टया मिले वैज्ञानिक सुरागों के आधार पर यह मामला पूरी तरह एक सोची-समझी क्रूर हत्या का प्रतीत हो रहा है। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों सहित आईपीएस प्रशिक्षु ने खुद मौके पर पहुंचकर कमान संभाली और सुराग खंगालने के लिए फॉरेंसिक विंग को तैनात किया।

खेत में पसरा सन्नाटा और ग्रामीणों का आक्रोश
प्राप्त प्रामाणिक विवरण के अनुसार, शनिवार सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर रोजमर्रा के काम के लिए निकले, तब उन्होंने भारत सिंह का बेजान शरीर वहां पड़ा देखा। यह खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने लगी। सूचना मिलते ही उन्हेल थाना प्रभारी संतोष चौहान पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और कानूनन पंचनामा की विधिक प्रक्रिया शुरू की। मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए नागदा सीएसपी विक्रम अहिरवार और आईपीएस प्रशिक्षु काजल सिंह ने भी बिना एक पल गंवाए घटना स्थल का सघन निरीक्षण किया।

तीसरी आंख और डॉग स्क्वॉड की विधिक घेराबंदी
घटनास्थल की विस्मयकारी परिस्थितियों और मृतक के शरीर पर मौजूद संदेहास्पद निशानों को देखते हुए पुलिस ने पारंपरिक जांच के बजाय वैज्ञानिक और आधुनिक अनुसंधान का सहारा लिया। उज्जैन से तत्काल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की फिंगरप्रिंट और रासायनिक विशेषज्ञों की टीम के साथ-साथ खोजी कुत्तों के दस्ते को मौके पर तलब किया गया। एफएसएल की टीम ने साक्ष्य अधिनियम के तहत अदालत में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए घटनास्थल से अत्यंत महत्वपूर्ण भौतिक और जैविक साक्ष्य संकलित किए, जबकि डॉग स्क्वॉड ने खेत के आसपास के रास्तों और संदिग्ध ठिकानों पर हत्यारों के पैरों के निशान और गंध के जरिए सुराग तलाशने की विधिक घेराबंदी की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा हत्या की साजिश का राज
नागदा सीएसपी विक्रम अहिरवार ने मीडिया से आधिकारिक चर्चा में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया स्थापित साक्ष्यों के आधार पर यह कृत्य किसी अज्ञात आरोपी द्वारा रची गई जघन्य हत्या की पटकथा ही प्रतीत हो रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि युवक की किसी अन्य स्थान पर या उसी के खेत में नृशंस हत्या करने के बाद शव को साक्ष्य मिटाने की नीयत से वहां फेंक दिया गया। हालांकि, कानून व्यवस्था के सिद्धांतों के तहत पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और विधिक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस वर्तमान में मृतक के कॉल डिटेल्स और पारिवारिक रंजिश सहित तमाम सुसंगत एंगल्स पर गहनता से प्रतिपरीक्षण कर रही है, और खाकी का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे सड़ाया जाएगा।










