उज्जैन। मर्यादा और भरोसे के रिश्ते को तार-तार कर किराएदार की मासूम बेटी पर नीच नजर डालने वाले एक कलयुगी मकान मालिक के खिलाफ थाना पवासा पुलिस ने विधिक रूप से कानून का ऐसा हंटर चलाया है, जिसकी चहुंओर सराहना हो रही है। मक्सी रोड स्थित अमृत नगर में घटित इस शर्मनाक वारदात के महज कुछ ही घंटों के भीतर मुस्तैद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। कानून व्यवस्था और महिला-बाल सुरक्षा के सिद्धांतों के तहत पुलिस की यह त्वरित दंडात्मक कार्रवाई अपराधियों के हौसले पस्त करने और न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास सुदृढ़ करने की दिशा में एक नजीर साबित हुई है।
भरोसे की आड़ में हवस का कुत्सित प्रयास
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और विधिक एफआईआर के विवरण के अनुसार, यह जघन्य वाकया 29 मई की दोपहर करीब 1:30 बजे का है। पीड़ित नाबालिग बालिका और उसका छोटा भाई अपने घर के भीतर सो रहे थे, तभी सुरक्षा देने वाले मकान मालिक अमन हिरवे उर्फ मालवीय (उम्र 26 वर्ष) की नीयत डोल गई। उसने रक्षक की आड़ में भक्षक का चोला पहनकर सूने मकान का फायदा उठाया और बुरी नीयत से घर के भीतर दाखिल हो गया। आरोपी ने मासूम बालिका को बेबस पाकर उसके साथ अश्लील और अशोभनीय हरकतें शुरू कर दीं। इस अप्रत्याशित संकट से घबराई मासूम और उसके भाई ने जब सूझबूझ दिखाते हुए शोर मचाना शुरू किया, तो चीख-पुकार सुनकर बाहर काम कर रही मां तत्काल रसोई और कमरों की तरफ भागी। मां को आते देख पकड़े जाने के डर से आरोपी अमन हिरवे मौके से रफूचक्कर हो गया।
विशेष टीम का गठन और घेराबंदी
घटना के तुरंत बाद डरा-सहमा पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर पवासा थाने पहुंचा। मामले की संवेदनशीलता और नाबालिग के यौन उत्पीड़न से जुड़े विधिक पहलुओं को देखते हुए पवासा पुलिस ने बिना एक पल गंवाए भादंवि/भारतीय न्याय संहिता की गंभीर सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत तत्काल शून्य पर अपराध पंजीबद्ध किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े निर्देशन में त्वरित रूप से एक विशेष खोजी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों और अपने पारंपरिक मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए जाल बिछाया। खाकी की मुस्तैदी का ही नतीजा था कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पुलिस ने घेराबंदी कर उसे उसके निवास क्षेत्र से ही दबोच लिया।
न्यायालय में पेशी और खाकी की अपील
पवासा थाने के विधिक प्रतिपरीक्षण और कड़ी पूछताछ के सम्मुख आरोपी अमन हिरवे का रसूख और हेकड़ी धरी की धरी रह गई और उसने अपना जघन्य जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया। इस सराहनीय और त्वरित विधिक कार्रवाई को अंजाम देने में पवासा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गमर सिंह मण्डलोई, सहायक उपनिरीक्षक सावित्री कटारा, प्रधान आरक्षक शेखर हरियाला और महिला आरक्षक शिवकन्या की मुख्य और अत्यंत सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक पंचनामा और आवश्यक कानूनी दस्तावेज तैयार कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद उज्जैन पुलिस ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि महिला और बाल अपराध से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल बिना डरे पुलिस को दें, ताकि ऐसे समाज-शत्रु मगरमच्छों को समय रहते सलाखों के पीछे सड़ाया जा सके।










