इंदौर। पवित्र पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा, कानून के सिद्धांतों और मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह कलंकित करने वाला एक ऐसा घिनौना और रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला हीरानगर थाना क्षेत्र में विधिक रूप से दर्ज हुआ है, जिसने समूचे समाज को शर्मसार कर दिया है। एक कलयुगी सौतेले पिता ने रक्षक की आड़ में भक्षक का चोला पहनकर अपनी ही 12 वर्ष की नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाने का कुत्सित प्रयास किया। कानून व्यवस्था और साक्ष्य विधि की परिधि में यह घटना सीधे तौर पर एक मासूम के मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की पराकाष्ठा है। जब इस मासूम की सहनशक्ति का बांध टूट गया, तो उसने हिम्मत जुटाकर खाकी की चौखट पर इस खौफनाक सच का पर्दाफाश किया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित विधिक एक्शन लेते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
संरक्षक के भेष में जानलेवा धमकियों का खुला खेल
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और विधिक एफआईआर के विवरण के अनुसार, हीरानगर थाना क्षेत्र में रहने वाली कक्षा सातवीं की इस नाबालिग छात्रा के जैविक पिता की मृत्यु के पश्चात, उसकी मां ने सामाजिक संबल और भविष्य की आस में इस आरोपी से पुनर्विवाह किया था। परंतु इस दरिंदे की नीयत में आदिम हवस छिपी हुई थी। पीड़िता ने अपनी विधिक शिकायत में रूह कंपा देने वाली दास्तान बयां करते हुए बताया कि आरोपी पिता आए दिन घर में अकेली पाकर उसके साथ अश्लील और गलत हरकतें करता था। गत 26 मई की काली रात को आरोपी ने अपनी घिनौनी हरकतों की तमाम हदें पार करते हुए बच्ची के साथ गंभीर छेड़छाड़ की। जब मासूम ने इसका कड़ा विरोध किया, तो कानून और पुलिस के खौफ से बेपरवाह इस हवसी ने उसे जुबान खोलने पर सीधे जान से मारने की खौफनाक धमकी दे डाली।
खौफ का साया और मां की विधिक जंग
इस जानलेवा धमकी और लोक-लाज के गहरे खौफ के कारण मासूम बच्ची कई दिनों तक भीतर ही भीतर सुलगती रही और गहरे अवसाद में चली गई। आखिरकार, शुक्रवार को उसने अपनी मां के सम्मुख इस समूचे अमानवीय कृत्य और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिलेवार ब्योरा बयां कर दिया। अपनी ही कोख से जनमी संतान के साथ हुए इस जघन्य विश्वासघात को सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने बिना किसी सामाजिक दबाव या रसूख की परवाह किए, न्याय के प्राकृतिक सिद्धांतों का पालन करते हुए तत्काल अपनी लाडली को साथ लिया और सीधे हीरानगर थाने पहुंच गई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की अल्पायु को देखते हुए तत्काल महिला विधिक परामर्शदाताओं की उपस्थिति में शून्य पर बयान दर्ज किए।
साली के शील पर भी डाल चुका है डाका
हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल ने मामले की विधिक पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं सहित यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की विधिक विवेचना के दौरान एक और चौंकाने वाला और चरित्रहीन पहलू सामने आया है। पीड़िता की सजग मां ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में बताया कि यह आरोपी आदतन यौन अपराधी है। कुछ समय पूर्व जब यह परिवार बाणगंगा क्षेत्र में अपनी बहन के घर गया था, तब इस दरिंदे ने अपनी सगी साली के शील पर भी डाका डालने की घिनौनी कोशिश की थी, जिसका मुकदमा पहले से ही बाणगंगा थाने में विधिक रूप से दर्ज है। दोनों थानों की पुलिस अब इस आदतन अपराधी को सलाखों के पीछे सड़ाने और अदालत से सख्त से सख्त दंडात्मक सजा दिलाने के लिए साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है।










