गांधीधाम में पुलिस जमीन पर और शराबी ऊंचे टावर पर

विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम)। गुजरात सरकार भले ही राज्य में पूर्ण शराबबंदी का ढिंढोरा पीटती रहे और ड्राई स्टेट के नाम पर कानून व्यवस्था की पीठ थपथपाती रहे, लेकिन धरातल की हकीकत इन सरकारी दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा रही है। गांधीधाम शहर के इफको और केपीटी ग्राउंड के पास उस समय भारी अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई, जब अत्यधिक शराब के नशे में धुत एक युवक अचानक एक विशालकाय मोबाइल टावर पर चढ़ गया। आसमान छूते ऊंचे टावर पर नशेड़ी युवक को चढ़ते देख देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई और कौतूहल का माहौल बन गया। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे और प्रशासनिक अफरा-तफरी के दृश्य को अवंतिका के युवराज की टीम ने सीधे अपने कैमरे में कैद किया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तंत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय पुलिस का लाव-लश्कर भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचा। टावर के शीर्ष पर चढ़ा शराबी युवक पूरी तरह से अपना आपा खो चुका था और अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार हंगामा कर रहा था। पुलिस प्रशासन को उसे नीचे उतारने के लिए पसीने छूट गए। पुलिस अधिकारियों ने काफी समय तक समझा-बुझाकर और सूझबूझ का परिचय देते हुए युवक को किसी तरह शांत किया। कड़ी मशक्कत और घंटों की कोशिशों के बाद उसे सुरक्षित सही-सलामत नीचे उतारा जा सका। नीचे उतरते ही पुलिस ने उस नशेड़ी युवक को अपनी हिरासत में ले लिया और इस जानलेवा हरकत के पीछे का कारण जानने के लिए कानूनी जांच शुरू कर दी है।
यह घटना केवल एक नशेड़ी की बेवकूफाना हरकत भर नहीं है, बल्कि यह गुजरात की निष्प्रभावी शराब नीति पर एक बहुत बड़ा करारा तमाचा है। आज सबसे बड़ा प्रशासनिक सवाल यह उठता है कि जिस गुजरात में कागजों पर शराब बेचना, खरीदना और पीना पूरी तरह कानूनन अपराध है, वहां एक युवक इतना अधिक नशा करके सरेआम टावर पर चढ़ने की हिम्मत कैसे जुटा लेता है। जब पूरे राज्य में शराबबंदी की इतनी कड़ाई है, तो गांधीधाम की सड़कों पर सरेआम नशा करके घूमते ये शराबी आखिरकार कहां से और किसकी शह पर अवैध शराब हासिल कर रहे हैं। क्या गांधीधाम में पुलिस प्रशासन और अवैध शराब माफियाओं की साठगांठ इतनी गहरी हो चुकी है कि शराब गलियों से निकलकर अब आसमान छूते टावरों तक पहुंच रही है।
गांधीधाम की धरती पर घटी इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस जमीन पर लाचार खड़ी रह जाती है और शराब के नशे में धुत असामाजिक तत्व शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते हुए ऊंचे टावरों पर चढ़ जाते हैं। यह दृश्य साफ बयान करता है कि राज्य में शराबबंदी का कानून केवल फाइलों और बयानों तक सीमित रह गया है, जबकि धरातल पर अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। अवंतिका के युवराज गुजरात सरकार और पुलिस महानिदेशक से यह मांग करता है कि केवल टावर पर चढ़े इस युवक पर कार्रवाई करके खानापूर्ति न की जाए, बल्कि गांधीधाम क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की तस्करी और बिक्री कराने वाले पुलिसकर्मियों व शराब माफियाओं के पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इन शराब माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो ऐसी घटनाएं किसी दिन बड़े हादसे में तब्दील हो सकती हैं।










