राजस्थान से गांधीधाम तक फैला नशे का काला जाल!
विशेष इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/मुंद्रा-गांधीधाम)। पंजाब के नशा तस्करों की काली नजर अब कच्छ के सामरिक और औद्योगिक केंद्रों पर पूरी तरह टिक चुकी है। पश्चिमी कच्छ एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम ने मुंद्रा स्थित अदानी पार्किंग में एक बड़ी और गोपनीय सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मोखा के पास खड़े एक संदिग्ध ट्रेलर के केबिन पर छापा मारकर पंजाब के शातिर ट्रक ड्राइवर को 37 लाख रुपये मूल्य की 185 ग्राम शुद्ध हेरोइन के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई साबित करती है कि पंजाब से आने वाले माल के साथ-साथ तस्कर अब कच्छ के बंदरगाहों और औद्योगिक इलाकों को नशे की मंडी बनाने में जुट गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान करजसिंह कुलबीरसिंह मनीस (उम्र 30 वर्ष, निवासी मोगा, पंजाब) के रूप में हुई है। वह पिछले लंबे समय से ट्रेलर चलाने की आड़ में राजस्थान से लेकर गुजरात के कच्छ जिले तक हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। एसओजी की टीम को जब मोखा स्थित अदानी पार्किंग में खड़े ट्रेलर के संबंध में सटीक और पक्की सूचना मिली, तो टीम ने बिना कोई मौका दिए चारों तरफ से घेराबंदी करके आरोपी को धर दबोचा। ट्रेलर के केबिन की तलाशी लेने पर पुलिस के भी होश उड़ गए; वहां से 185 ग्राम हेरोइन के अलावा माल तौलने वाला डिजिटल तराजू, 1.59 लाख रुपये नकद और नशे की पुड़िया बनाने वाले खाली पाउच बरामद हुए।
कड़ाई से की गई पुलिसिया पूछताछ में आरोपी तस्कर ने जो कबूलनामा किया, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह हेरोइन पंजाब के मोगा शहर से अपने साथी रवि उर्फ बग्गा नामक तस्कर से 2.40 लाख रुपये में 200 ग्राम खरीदी थी। इसके बाद वह पंजाब से निकला और रास्ते में राजस्थान व गांधीधाम के स्थानीय ग्राहकों को 15 ग्राम हेरोइन की खेप ठिकाने लगा चुका था। बाकी बची 185 ग्राम हेरोइन की बड़ी खेप को वह मुंद्रा के स्थानीय तस्करों और युवाओं को ऊंचे दामों में बेचने की फिराक में बैठा था, लेकिन बेचने से पहले ही एसओजी की पैनी नजर ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पंजाब से आने वाली गाड़ियां और उनके चालक नशा तस्करी के इस जहरीले खेल में पकड़े गए हों। अवंतिका के युवराज लंबे समय से चेताता आ रहा है कि कच्छ के ट्रांसपोर्ट नगरों, पार्किंग यार्डों और बंदरगाहों के आसपास यह गिरोह तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है। पुलिस ने फिलहाल ट्रेलर और केबिन को जब्त कर लिया है और पंजाब के मुख्य सप्लायर रवि उर्फ बग्गा तक पहुंचने के लिए जाल बिछा दिया है। परंतु, अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या केवल चालकों को पकड़ने से यह जहर रुक जाएगा या फिर गांधीधाम और मुंद्रा में बैठे उन लोकल खरीदारों के गिरेबान तक भी कानून के हाथ पहुंचेंगे जो इन बाहरी तस्करों को पनाह दे रहे हैं।










