काली कमाई का कुबेर, डिप्टी डायरेक्टर नरहरी के बैंक लॉकर से निकला नोटों का पहाड़ सिर्फ 1 लॉकर में मिला ₹1.50 करोड़ कैश ACB की इस बड़ी कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
हैदराबाद। सरकारी कुर्सियों पर बैठकर जनता की गाढ़ी कमाई को दीमक की तरह चाटने वाले सफेदपोश अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी और तीखी सर्जिकल स्ट्राइक की है। आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के काले धंधे में फंसे लैंड रिकॉर्ड्स के डिप्टी डायरेक्टर नरहरी के पाप का घड़ा अब पूरी तरह से फूट चुका है। कानून के शिकंजे में कस चुके इस भ्रष्ट अधिकारी के काले कारनामों की परतें जब खुलीं, तो खुद जांच अधिकारी भी सन्न रह गए। मंगलवार को एसीबी की टीम ने जब नरहरी के बैंक लॉकरों को खंगालना शुरू किया, तो वहां से नोटों की ऐसी गड्डियां बरामद हुईं जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं।
एसीबी के आला अधिकारियों ने पुख्ता सूचना के आधार पर शालीबंडा स्थित केनरा बैंक में धावा बोला, जहां नरहरी का गुप्त बैंक लॉकर मौजूद था। भारी सुरक्षा और गवाहों की मौजूदगी में जब इस अकेले लॉकर को खोला गया, तो उसके भीतर से पूरे ₹1.50 करोड़ का बेहिसाब कैश बरामद हुआ। मेज पर सजी नोटों की थप्पियां गवाही दे रही थीं कि किस कदर पद का दुरुपयोग करके इस अधिकारी ने अपनी तिजोरियों को भरा था।
घर से लेकर बैंक तक सिर्फ और सिर्फ पैसा
इस भ्रष्ट अधिकारी की भूख सिर्फ एक लॉकर तक सीमित नहीं थी। जांच एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक, नरहरी के खिलाफ यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से चल रही है। इससे पहले जब एसीबी की टीम ने नरहरी के आलीशान घर पर रेड की थी, तो वहां से भी ₹1.54 करोड़ की भारी-भरकम नकदी जब्त की जा चुकी थी। इतना ही नहीं, जब इस कुबेर के बैंक खातों की कुंडली खंगाली गई, तो अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नरहरी के बैंक अकाउंट में जमा ₹5 करोड़ की मोटी रकम को फ्रीज (जब्त) कर दिया है।
घर से मिला ₹1.54 करोड़, बैंक खाते में ₹5 करोड़ और अब सिर्फ एक लॉकर से ₹1.50 करोड़ की बरामदगी यह साबित करने के लिए काफी है कि विभाग में रहकर किस बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का यह खूनी खेल खेला जा रहा था।
अभी तो सिर्फ शुरुआत है, खुलेंगे 2 और लॉकर
एसीबी के अधिकारियों का साफ कहना है कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है। जांच एजेंसी को नरहरी के दो और गुप्त बैंक लॉकरों की जानकारी हाथ लगी है, जिन्हें आने वाले दिनों में खोला जाएगा। अधिकारियों को अंदेशा है कि उन लॉकरों के भीतर भी करोड़ों रुपए का कैश या बेहिसाब सोना छुपाकर रखा गया है।
सवाल यह उठता है कि एक अदने से सरकारी पद पर बैठे इस अधिकारी के पास इतनी अकूत संपत्ति आखिर कहां से आई? बिना किसी राजनीतिक संरक्षण या बड़े सिंडिकेट के इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा करना मुमकिन नहीं है। इस तीखी कार्रवाई के बाद अब विभाग के कई अन्य रसूखदार अधिकारी और बिचौलिए भी भूमिगत हो गए हैं, क्योंकि एसीबी की रडार पर अब वे तमाम लोग हैं जिन्होंने इस काली कमाई को छुपाने में नरहरी की मदद की थी। जांच एजेंसी अब इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि इस पैसे को कहीं बेनामी संपत्तियों या रियल एस्टेट में तो डंप नहीं किया गया था। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे होना तय है।










