15 अक्टूबर तक वैध करा लें अवैध पानी कनेक्शन, वरना कटेगी लाइन, लगेगा भारी जुर्माना और होगी कानूनी कार्रवाई!
विशेष खोजी रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम-कच्छ)। गांधीधाम शहर में लंबे समय से चल रहे अवैध जल कनेक्शनों के काले कारोबार और चोरी पर आखिरकार महानगरपालिका प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। शहर के अलग-अलग सेक्टरों और बस्तियों में बिना प्रशासनिक अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे अवैध पानी के कनेक्शनों को लेकर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सख्त और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। महानगरपालिका द्वारा जारी सार्वजनिक चेतावनी के अनुसार, जिन संपत्ति धारकों या कमर्शियल उपभोक्ताओं ने गैर-कानूनी तरीके से मुख्य पाइपलाइन में सेंध लगाकर पानी के कनेक्शन ले रखे हैं, उन्हें अपनी चोरी छिपाने के बजाय उसे नियमित कराने का यह अंतिम और आखिरी मौका दिया गया है।
प्रशासन द्वारा बनाए गए नए नियमों के मुताबिक, अवैध कनेक्शन को वैध कराने के लिए संबंधित मकान, दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के मालिक को 1,000 रुपये का सीधा पेनल्टी (दबाव) शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पिछले लंबे समय से बिना किसी बिल के इस्तेमाल किए गए पानी का बकाया राजस्व शुल्क, नए कनेक्शन की डिपॉजिट राशि और नगर निगम के संबंधित करों का भुगतान भी एकमुश्त करना होगा। महानगरपालिका के नायब म्यूनिसिपल कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि यह राहत योजना 15 सितंबर 2026 से शुरू होकर 15 अक्टूबर 2026 तक ही प्रभावी रहेगी। इस निर्धारित अवधि के भीतर नागरिकों को प्लॉट नंबर 35, सेक्टर-9 स्थित महानगरपालिका कार्यालय में जाकर अपने दस्तावेज जमा कराने होंगे और कनेक्शन को नियमानुसार वैध कराना होगा।
महानगरपालिका प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी जारी की है कि 16 अक्टूबर 2026 की सुबह से पूरे शहर में एक बड़ा विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जितने भी अवैध पानी के कनेक्शन पकड़े जाएंगे, उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस या मोहलत के मौके पर ही काट दिया जाएगा। लाइन काटने के साथ-साथ दोषी पाए जाने वाले लोगों पर भारी-भरकम जुर्माना ठोका जाएगा और सरकारी संसाधनों की चोरी के आरोप में सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
अवंतिका के युवराज यह स्पष्ट करता है कि शहर में पीने के पानी की किल्लत और समान वितरण में बाधा बनने वाले इन अवैध कनेक्शनधारियों के पास अब लीपापोती का कोई रास्ता नहीं बचा है। वर्षों से सरकारी खजाने को चूना लगाकर मुफ्त का पानी इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब अपने रवैये में सुधार लाना होगा। यदि 15 अक्टूबर की समय सीमा बीत जाने के बाद भी लोग नहीं जागे, तो 16 अक्टूबर से चलने वाला बुलडोजर और कटिंग दस्ता न केवल पानी का कनेक्शन काटेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई का कानूनी डंडा भी चलाएगा। अतः समय रहते प्रक्रिया पूरी कर प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों से बचना ही समझदारी होगी।










