सुंदरपुरी से खोडियार नगर तक छलकते जाम,पुलिस चौकी के नाक के नीचे कचरा का सरेआम जाम

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ड्राई स्टेट गांधीधाम को शराबखोरी में मिलना चाहिए प्रथम पुरस्कार!

विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम)। कहने को तो पूरे गुजरात में पूर्ण शराबबंदी का कानून लागू है और ड्राई स्टेट के बड़े-बड़े दावों का ढिंढोरा देश भर में पीटा जाता है। परंतु, गांधीधाम शहर की सड़कों और गलियों में सरेआम बिक रही शराब चीख-चीखकर पूरे गुजरात के प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है। यदि गुजरात में शराबखोरी और अवैध शराब बिक्री की प्रतिस्पर्धा कराई जाए, तो गांधीधाम शहर को इसमें प्रथम पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिए। शहर के सुंदरपुरी, महेश नगर, गणेश नगर, कार्गो और खोडियार नगर जैसे प्रमुख रिहायशी इलाकों की सड़कों पर खुलेआम अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। आश्चर्य और गंभीर चिंता की बात यह है कि पुलिस प्रशासन और आबकारी अधिकारियों की आंखों के सामने यह पूरा काला साम्राज्य चल रहा है, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ रही है।

इस अवैध शराब तंत्र का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला केंद्र सुंदरपुरी चौराहे पर बना एक बड़ा भवन बना हुआ है। कोरियन माता मंदिर की आड़ में बने इस विशाल भवन में दिन-दिहाड़े और सुबह-शाम धड़ल्ले से शराब का विक्रय किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध अड्डे के ठीक सामने पुलिस चेकिंग पॉइंट और ट्रैफिक पुलिस की थाना चौकी स्थित है। पुलिस के नाक के नीचे और सुरक्षा तंत्र के ठीक सामने शराब माफिया बिना किसी खौफ के अपनी दुकानें चला रहे हैं। जैसा नाम, वैसा काम; इस पूरे अवैध शराब तंत्र को संचालित करने वाला मुख्य आरोपी कचरा नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है, जो पूरे गांधीधाम शहर में शराब की गंदगी फैलाने का काम कर रहा है। जब पुलिस चेकिंग पॉइंट के इतने करीब सरेआम जाम छलक रहे हों, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इसमें पुलिस प्रशासन की मौन सहमति या मिलीभगत शामिल है। इतने बड़े पैमाने पर दिन-रात शराब का धंधा चलना और पुलिस की नजर में न आना, यह बात किसी के गले नहीं उतरती।

देश भर में गुजरात मॉडल और सख्त शराबबंदी का नाम बड़े गर्व से लिया जाता है, लेकिन धरातल पर गांधीधाम की यह तस्वीर पूरे राज्य को कलंकित कर रही है। देश के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए सख्त कानूनों के दावों की धज्जियां ये शराब माफिया सरेआम उड़ा रहे हैं। अनेक बार मीडिया की सुर्खियों में आने और स्थानीय स्तर पर शिकायतें उठने के बावजूद कचरा जैसे शराब माफियाओं पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर ऐसा कौन सा शक्तिशाली अदृश्य आशीर्वाद इन शराब माफियाओं के सिर पर बना हुआ है, जिसके दम पर इन्हें बेखौफ होकर शराब की गंदगी फैलाने की खुली छूट मिली हुई है। चंद मुनाफाखोरों के चक्कर में पूरे गांधीधाम की साख पर बदनामी का ठीकरा फूट रहा है।

सुंदरपुरी, महेश नगर, गणेश नगर, कार्गो और खोडियार नगर में फैली इस शराबखोरी के कारण स्थानीय रहवासी, राहगीर और विशेषकर महिलाएं खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं। शाम ढलते ही इन इलाकों की सड़कों और मंदिर के आसपास शराबी तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे आम नागरिकों और माताओं-बहनों का रास्ते से निकलना दूभर हो गया है। प्रशासनिक लापरवाही को देखकर अब स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है। रहवासियों का स्पष्ट कहना है कि अगर पुलिस-प्रशासन ने तुरंत इन अवैध शराब अड्डों को बंद कराकर कचरा और उसके आकाओं पर शिकंजा नहीं कसा, तो आम जनता को मजबूरन सड़कों पर उतरकर बड़ा जन-आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।

अवंतिका के युवराज गुजरात के गृह विभाग, कच्छ पुलिस अधीक्षक और स्थानीय प्रशासन से सीधे सवाल पूछता है कि पुलिस चेकिंग पॉइंट और ट्रैफिक कैनोपी के ठीक सामने मंदिर की आड़ में चल रहे इस बड़े शराब अड्डे पर अब तक बुलडोजर क्यों नहीं चला। कचरा नामक शराब माफिया को किस प्रशासनिक या राजनीतिक शह पर सरेआम अवैध शराब बेचने की छूट मिली हुई है। सुंदरपुरी, महेश नगर, गणेश नगर, कार्गो और खोडियार नगर की जनता और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बीट प्रभारियों और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई कब होगी।