खंडवा रोड की मसाला फैक्ट्रियों पर संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड का छापा, एच.के. फूड से 9 लाख का संदिग्ध स्टॉक जब्त, मिलावटखोरों पर कसा विधिक शिकंजा!

इंदौर। मिलावटखोरी के संगठित और व्यापारिक साम्राज्य पर कड़ा प्रहार करते हुए संभागीय खाद्य फ्लाइंग स्क्वाड ने शनिवार को शहर की बड़ी मसाला निर्माण फैक्ट्रियों पर अचानक दबिश देकर विधिक कार्रवाई की है। खंडवा रोड स्थित विभिन्न मसाला निर्माण प्रतिष्ठानों पर की गई इस छापामार कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर अमानक और संदेहास्पद खाद्य सामग्री का विस्मयकारी जखीरा बरामद किया गया है। जन स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) के स्थापित सिद्धांतों को ताक पर रखकर नागरिकों की थाली में मिलावटी मसाले परोसने वाले इन रसूखदार व्यवसायियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़े विधिक कदम उठाए हैं, जिसके तहत लाखों रुपये का संदिग्ध माल कुर्क कर सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया है।
राठौर ट्रेडर्स और सौरभ स्पाइसेस पर विधिक दबिश
प्राप्त प्रामाणिक और विधिक विवरण के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का विशेष दस्ता सबसे पहले खंडवा रोड स्थित कैलोद करताल क्षेत्र में संचालित राठौर ट्रेडर्स के विनिर्माण परिसर में दाखिल हुआ। वहां बड़े पैमाने पर मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर का निर्माण अत्यंत संदेहास्पद परिस्थितियों में होता पाया गया। टीम ने साक्ष्य अधिनियम के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, खड़ा धनिया और धनिया दाल के कुल चार रासायनिक नमूने सील किए। इसी विधिक सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए टीम ने ‘सौरभ स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड’ पर छापा मारा, जहां से हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और राई दाल के तीन संदेहास्पद नमूने जब्त किए गए। इन सभी सैंपलों को राज्य विधिक प्रयोगशाला के परीक्षण के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।
एच.के. फूड में 9 लाख के नकली माल की विधिक जब्ती
इस समूचे विशेष अभियान की सबसे बड़ी और तीखी दंडात्मक सफलता ‘एच.के. फूड’ नामक प्रतिष्ठान पर मिली। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री के भीतर तैयार हो रहे मिर्च पाउडर और नूडल्स मसाले की गुणवत्ता अत्यंत निम्न और मानव स्वास्थ्य के लिए विधिक रूप से खतरनाक प्रतीत हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बिना कोई मोहलत दिए, साक्ष्य नष्ट होने से बचाने के लिए मौके पर मौजूद शेष समूचे स्टॉक को तत्काल प्रशासनिक अभिरक्षा में ले लिया। जब्ती सूची के अनुसार, मौके से 998 किलोग्राम संदिग्ध मिर्च पाउडर (अनुमानित विधिक कीमत 2.99 लाख रुपये) और 2,398 किलोग्राम मिलावटी नूडल्स मसाला (कीमत करीब 5.99 लाख रुपये) जब्त किया गया। इस प्रकार कुल 3,396 किलोग्राम अमानक खाद्य सामग्री, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 8.99 लाख रुपये है, को विधिक रूप से सील कर दिया गया है।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद जेल भेजने की तैयारी
खाद्य सुरक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए सभी सात नमूनों को त्वरित रूप से राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। साक्ष्य विधि के तहत यह लैब रिपोर्ट अदालत में आरोपियों के खिलाफ अचूक वैज्ञानिक प्रमाण बनेगी। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत इन मिलावटखोरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर इनके विधिक लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। अवंतिका के युवराज समाचार पत्र का यह साफ संदेश है कि चंद रुपयों के मुनाफे के लिए जनता के लीवर और किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले इन सफेदपोश अपराधियों को किसी भी प्रशासनिक या राजनीतिक दबाव के चलते बख्शा नहीं जाना चाहिए।










