लंदन के फर्जी भाई ने लगाया 12 लाख का विधिक चूना

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सोशल मीडिया पर बहन बनाकर झांसे में लिया, कलयुगी ठग के लिए पीड़िता ने गिरवी रख दिए जेवर और बेच डाले चांदी के बर्तन!

इंदौर। डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया के मायाजाल का लाभ उठाकर सीधे-साधे नागरिकों को अपनी विधिक ठगी का शिकार बनाने वाला एक बेहद सनसनीखेज और आंखें खोल देने वाला मामला मल्हारगंज थाना क्षेत्र में आधिकारिक रूप से दर्ज हुआ है। एक शातिर साइबर अपराधी ने फेसबुक के जरिए एक महिला से पहले तो पारिवारिक व भावनात्मक रिश्ता कायम कर उसे अपनी ‘मुंहबोली बहन’ बनाया, और फिर महंगे सोने-हीरे के गिफ्ट और सरप्राइज का झांसा देकर उससे 12 लाख 5 हजार रुपये की मोटी रकम विधिक रूप से ऐंठ ली। कानून व्यवस्था और साइबर क्राइम के सिद्धांतों के तहत यह मामला भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का एक ऐसा खौफनाक उदाहरण है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पाई-पाई के लिए मोहताज कर दिया है।

फेसबुक से व्हाट्सएप और फिर लंदन का विधिक जाल

प्राप्त प्रामाणिक विवरण और पुलिसिया तफ्तीश के अनुसार, मल्हारगंज क्षेत्र निवासी पीड़िता कल्पना की विधिक शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन और उसके अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एडिशनल डीसीपी प्रिया डूडवे ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि पीड़िता ने फेसबुक पर एक युवक का वीडियो देखा था, जहां से उसने दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क स्थापित किया। आरोपी ने खुद को लंदन का प्रतिष्ठित मोबाइल और कार शोरूम व्यवसायी बताते हुए महिला को अपनी सगी बहन की तरह मानने का नाटक रचा। इस विधिक प्रपंच को आगे बढ़ाते हुए उसने भारत आने और पीड़िता के पूरे परिवार के लिए सोने-हीरे के नेकलेस और घड़ियां लाने की मनगढ़ंत कहानी तैयार की और ‘सरप्राइज’ के नाम पर इस विधिक साजिश को पूरी तरह गुप्त रखने का जाल बुना।

फर्जी एयरपोर्ट अधिकारी और जेल भेजने की खौफनाक धमकी

इस सुनियोजित साइबर अपराध की पटकथा में असली विधिक मोड़ 16 मई को आया, जब पीड़िता के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी का बड़ा अधिकारी विक्रम गोस्वामी बताते हुए डराना शुरू किया। उसने दावा किया कि अमन का पार्सल और वह खुद ग्रीनकार्ड न होने व नियमों के उल्लंघन के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर विधिक हिरासत में हैं। शातिर ठग ने कानून का खौफ दिखाते हुए कहा कि यदि अमन को जेल जाने से बचाना है, तो पार्सल का टैक्स और पेनाल्टी तत्काल सरकारी खातों में जमा करनी होगी। विधिक रूप से कमजोर और भयभीत महिला को आरोपियों ने इस कदर डराया कि उसने डर के मारे आरोपियों के कहे अनुसार अपने मोबाइल की व्हाट्सएप चैट तक डिलीट कर दी, जो कि साक्ष्य अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य था।

जेवर गिरवी और बर्तन बेचकर जुटाए विधिक दस्तावेज

आरोपियों के झांसे और कानून के इस फर्जी डर में आकर पीड़िता इस कदर मानसिक अवसाद में चली गई कि उसने बिना अपने पति या परिवार को सूचित किए धन की व्यवस्था शुरू कर दी। ममता और मर्यादा की रक्षा की अंधी दौड़ में महिला ने अपने जीवनभर के सोने के जेवर गिरवी रखकर 11 लाख रुपये का विधिक ऋण लिया, जबकि बचे हुए एक लाख रुपये घर में रखे पुश्तैनी चांदी के बर्तन बेचकर जुटाए। इसके बाद उसने साइबर अपराधियों द्वारा उपलब्ध कराए गए अलग-अलग आठ फर्जी बैंक खातों में कुल 12 लाख 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

साइबर सेल सक्रिय, तकनीकी साक्ष्यों से विधिक घेराबंदी

इस जघन्य वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब भूखे भेड़ियों की तरह आरोपियों ने पीड़िता से और अधिक रुपयों की मांग शुरू कर दी। मानसिक रूप से टूट चुकी महिला ने जब पूरी विधिक दास्तान अपने परिवार के सम्मुख बयां की, तब जाकर इस सुनियोजित ठगी का आधिकारिक खुलासा हुआ। मल्हारगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन सभी आठ बैंक खातों को फ्रीज करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस की विशेष साइबर टीम मोबाइल नंबरों के आईपी एड्रेस और बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की विधिक घेराबंदी में जुटी है। अवंतिका के युवराज समाचार पत्र की ओर से आम जनता से यह पुरजोर अपील है कि सोशल मीडिया के किसी भी फर्जी रिश्तेदार या लॉटरी-गिफ्ट के झांसे में न आएं, क्योंकि सतर्कता ही इस डिजिटल युग में आपके धन और सम्मान की एकमात्र विधिक गारंटी है।