इंदौर। औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र परदेशीपुरा के नंदानगर में कानून व्यवस्था की विधिक मुस्तैदी को धता बताते हुए अज्ञात शातिर चोरों ने एक सूने मकान को अपना निशाना बनाया और वहां रखी लाखों रुपये की गाढ़ी कमाई के जेवरात व नगदी पर साफ हाथ कर दिया। यह संगीन वारदात उस समय घटित हुई जब पीड़ित परिवार अपनी सामाजिक और विधिक पारिवारिक जवाबदेही के तहत इंदौर शहर से बाहर गया हुआ था। साक्ष्य अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया की परिधि में यह घटना क्षेत्र में सक्रिय रात्रि गश्ती दल और स्थानीय खुफिया तंत्र की घोर विफलता को उजागर करती है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे आम नागरिकों की संपत्ति पर सरेआम डाका डाल रहे हैं।
सूनेपन का फायदा और अलमारियों का विधिक कबाड़
प्राप्त प्रामाणिक विवरण और परदेशीपुरा थाने में दर्ज आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, नंदानगर निवासी ज्योति भट्ट गुरुवार को अपने पूरे परिवार के साथ एक आवश्यक रिश्तेदारी के सिलसिले में इंदौर से बाहर गई हुई थीं। इसी विधिक सूनेपन का फायदा उठाते हुए अज्ञात बदमाशों ने मकान की रेकी की और मुख्य द्वार का ताला चटकाकर भीतर प्रवेश कर गए। शुक्रवार को जब पीड़ित परिवार वापस लौटा, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। घर के भीतर प्रवेश करने पर समूचा घरेलू सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था, अलमारियों के लॉकर और ड्रॉअर बेरहमी से खंगाले गए थे, जो यह प्रमाणित करता है कि चोरों ने तसल्ली से इस विधिक अपराध को अंजाम दिया।
सोने-चांदी और नगदी की विधिक सूची
फरियादी ज्योति भट्ट द्वारा पुलिस को सौंपी गई चोरी गए माल की अधिकृत विधिक सूची के अनुसार, शातिर चोर उनके जीवनभर की जमा-पूंजी बटोर ले गए हैं। चोरी की गई संपत्तियों में एक जोड़ी सोने की लटकन, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, पांच जोड़ी पारंपरिक सोने की नथ, चांदी की वजनी कमर करधनी, चांदी की पायल, बिछिया, चेन, लॉकेट, चांदी की अंगूठियां और लॉकर में आपातकाल के लिए रखे 35 हजार रुपये नगद शामिल हैं। विधिक मूल्यांकन और वर्तमान बाजार दर के अनुसार चोरी गए कुल मशरूके की कीमत लगभग दो लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है, जिसने मध्यमवर्गीय परिवार की आर्थिक रीढ़ को तोड़कर रख दिया है।
कैमरों की तीसरी आंख और पुलिसिया घेराबंदी
वारदात की सूचना मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस की विधिक अनुसंधान टीम फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों के साथ तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारिकी से विधिक निरीक्षण किया। पुलिस ने फरियादी की लिखित शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/भादंवि की सुसंगत धाराओं के तहत गृह-भेदन और चोरी का संगीन मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस की विशेष टीमें नंदानगर और उसके आसपास के रास्तों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की डिजिटल फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि संदिग्धों के हुलिये और उनके भागने के विधिक रूट का पता लगाया जा सके। अवंतिका के युवराज समाचार पत्र का यह साफ मत है कि रिहायशी इलाकों में बढ़ती चोरियों पर लगाम कसने के लिए खाकी को अपनी गश्त तेज करनी होगी, वरना रसूखदार चोरों का यह तांडव आम जनता का रातों का चैन छीनता रहेगा।










