उज्जैन। धार्मिक नगरी और बाबा महाकाल की पावन धरा उज्जैन इन दिनों अपराधियों की सुरक्षित शरणगाह बनती जा रही है। शहर की कानून व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है और खाकी का इकबाल मानो अपराधियों के जूतों तले रौंदा जा चुका है। ताजा तरीन रूह कंपा देने वाला मामला महाकाल थाना क्षेत्र के नलिया बाखल से सामने आया है, जहां बुधवार देर रात बदमाशों ने सरेराह मोहित नाम के एक नवयुवक की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी।
लाइव मर्डर का खौफनाक फुटेज वायरल, पुलिस के सुरक्षा दावों के मुंह पर करारा तमाचा
इस खूनी तांडव का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ हमलावर खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए युवक पर काल बनकर टूट पड़े। यह फुटेज उज्जैन पुलिस के उन खोखले दावों की धज्जियां उड़ा रहा है, जो रोज ‘नाइट पेट्रोलिंग’ और ‘सुरक्षित शहर’ का ढिंढोरा पीटते नहीं थकती।
चरक अस्पताल में बुझ गया घर का चिराग, महाकाल थाने पर फूटा जनता का भारी आक्रोश
गंभीर रूप से लहूलुहान मोहित को आनन-फानन में चरक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित जनता और न्याय की मांग कर रहे परिजनों ने महाकाल थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन की निकम्मेपन के खिलाफ जमकर हंगामा काटा, जिन्हें बमुश्किल शांत कराया गया।
वारदात के बाद जागी खाकी, प्रशांत और चीनू की तलाश में टीमें रवाना
हमेशा की तरह, घटना घट जाने और एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझ जाने के बाद पुलिस ने अपनी पारंपरिक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के मुताबिक, मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और शुरुआती जांच में प्रशांत, चीनू सहित कुछ नवयुवकों के नाम सामने आए हैं जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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अब सवाल उठता है कि जब शहर के बीचों-बीच, महाकाल थाना क्षेत्र जैसी संवेदनशील जगह पर सरेआम कत्लेआम हो जाता है, तो पुलिस का खौफ आखिर कहां गायब हो जाता है। शहर में अवैध हथियारों की खुलेआम नुमाइश और बिक्री पर अंकुश लगाने में स्थानीय खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ है। पुलिस महकमे को अब अपनी कुंभकर्णी नींद से जागना होगा क्योंकि केवल ‘समझाइश’ देने और ‘टीमें गठित’ करने के घिसे-पिटे बयानों से जनता का भरोसा वापस नहीं आने वाला, अपराधियों के सीने में कानून का खौफ पैदा करना ही होगा।










