शक की आंच में सुलगा वैवाहिक जीवन, अवैध संबंधों के खौफनाक दलदल में समा गया एक हंसता-खेलता परिवार

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इंदौर। न्याय के सिद्धांतों और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला हीरानगर थाना क्षेत्र के मेघदूत नगर में प्रकाश में आया है, जिसने आधुनिक वैवाहिक संस्था और सामाजिक ताने-बाने की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। एक पति ने अपनी संगिनी के कथित प्रेम प्रसंग से उपजे आक्रोश और प्रतिशोध की अग्नि में अंधा होकर पहले तो कानून को अपने हाथ में लिया, और फिर एक ऐसी आत्मघाती पटकथा लिख दी जिसने समूचे प्रशासनिक अमले और न्यायप्रिय समाज को स्तब्ध कर दिया है। अवैध संबंधों के इस त्रिकोणीय वीभत्स जाल में न केवल दो जिंदगियां पल भर में दफन हो गईं, बल्कि एक मासूम बच्ची की सिसकियों ने पूरी व्यवस्था की अंतरात्मा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

समझाने की तमाम कोशिशें जब हुईं नाकाम, तो आक्रोशित पति ने घोंट दिया जीवनसंगिनी का गला

प्राप्त साक्ष्यों और पुलिसिया तफ्तीश के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, मूल रूप से नर्मदापुरम (होशंगाबाद) निवासी और पीथमपुर की पेस्टीसाइड कंपनी में कार्यरत लैब तकनीशियन हल्केवीर पटेल का अपनी पत्नी रोशनी के साथ लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। विवाद का मुख्य कारण पत्नी का पीथमपुर निवासी एक अन्य शादीशुदा व्यक्ति सतीश के साथ कथित अवैध संबंध होना था। इस अनैतिक रिश्ते को समाप्त करने और पारिवारिक मर्यादा अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से पति अपने साले के साथ संबंधित व्यक्ति को समझाने भी गया था, परंतु वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई। इस अपमान और मानसिक प्रताड़ना के दंश को पति बर्दाश्त नहीं कर सका और शनिवार-रविवार की दरमियानी रात घर में पुनः उत्पन्न हुए विवाद के बाद, गुस्से की पराकाष्ठा पर पहुंचे हल्केवीर ने अपनी ही पत्नी रोशनी की गला घोंटकर नृशंस हत्या कर दी।

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद खुद गटक लिया जहर, सुसाइड नोट में बयां की बेवफाई की दास्तान

कानून की नजर में अक्षम्य इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के पश्चात, आरोपी पति ने स्वयं को कानून की परिधि और समाज के सम्मुख पूरी तरह पराजित पाया। गहरे अवसाद और तीव्र अपराध बोध की स्थिति में उसने त्वरित रूप से जहरीला पदार्थ (पेस्टीसाइड) गटक कर अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। पुलिस को घटनास्थल के विधिक निरीक्षण के दौरान एक हस्तलिखित सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसे साक्ष्य विधि के तहत मृत्युपूर्व कथन की भांति अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नोट में मृतक पति ने अपनी पत्नी की बेवफाई, मानसिक क्रूरता और कथित प्रेमी सतीश द्वारा किए गए उत्पीड़न का सिलसिलेवार उल्लेख करते हुए अपनी इस आत्मघाती परिणति का दोषारोपण सीधे तौर पर उन अवैध संबंधों पर मढ़ा है, जिन्होंने उसकी हँसती-खेलती दुनिया को श्मशान बना दिया।

बंद दरवाजे के पीछे घंटों रोती रही दुधमुंही बच्ची, इस त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग की आग में झुलसी तीन जिंदगियां

इस समूचे घटनाक्रम का सबसे कारुणिक और हृदयविदारक पहलू रविवार की सुबह तब उजागर हुआ, जब हीरानगर पुलिस को मेघदूत नगर के रहवासियों द्वारा सूचना दी गई कि बंद मकान के भीतर से एक मासूम बच्ची के लगातार रोने की आवाजें आ रही हैं। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक दल ने जब विधिक प्रक्रिया के तहत मुख्य द्वार का ताला तोड़ा, तो अंदर का दृश्य अत्यंत भयावह था; पलंग पर पति-पत्नी के बेजान शरीर पड़े थे और पास ही उनकी अबोध पुत्री भूख और डर से बिलख रही थी। इस मामले में विधिक अनुसंधान तब और अधिक गंभीर हो गया जब इंदौर में हुई इन दो मौतों के बाद, भय और पुलिसिया कार्रवाई की जद से बचने के लिए खंडवा के पंधाना क्षेत्र में कथित प्रेमी सतीश ने भी जहर खाकर अपनी जान दे दी। इस प्रकार, इस त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और आपसी प्रतिशोध की खौफनाक आग ने कुल तीन जिंदगियों को लील लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच हेतु भेज दिए हैं ताकि इस वीभत्स मामले के हर कानूनी पहलू को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।