कामवाली बाई बनकर करोड़ों उड़ाने वाली नेपाली गैंग का भंडाफोड़, दो शातिर महिलाएं गिरफ्तार पुणे, ठाणे और बेंगलुरु में भी बोल चुकी हैं धावा!

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विशेष रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम/आदिपुर)। घरेलू नौकरानी का मुखौटा पहनकर अमीर परिवारों के सपनों और तिजोरियों पर डाका डालने वाले एक बेहद खतरनाक और शातिर अंतरराज्यीय ‘नेपाली चोर गिरोह’ की काली करतूतों का गांधीधाम-आदिपुर पुलिस ने सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। पुलिस की पैनी नजर और मुस्तैदी के चलते इस गिरोह की दो मुख्य महिला मास्टरमाइंड—सलीना धनबहादुर शाही और रवीना बीरेंद्र उर्फ विवेक शाही—को दबोच लिया गया है। आदिपुर में चार महीने पहले हुई करोड़ों की दुस्साहसिक चोरी का सुराग तलाश रही पुलिस टीम के हाथ जब इन ‘हाईटेक लेडी चोरो’ के गिरेबान तक पहुंचे, तो पूरे देश के कई राज्यों में फैले एक ऐसे गिरोह की परते उघड़ती चली गईं, जिसके काम करने के तरीके को सुनकर ही आम जनता और पुलिस दोनों के रोंगटे खड़े हो जाएं।

इस गिरोह का काम करने का पैंतरा इतना शातिर और सुनियोजित था कि कोई साधारण इंसान सोच भी नहीं सकता। सबसे पहले यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों और पॉश इलाकों की सोसाइटियों में घरेलू काम करने वाली महिलाओं की फर्जी या असली भर्ती के विज्ञापन और घोषणाएं करवाता था। इसके बाद गिरोह की महिलाएं बहुत ही भोलेपन का नाटक रचकर अमीर और धनाढ्य सोसाइटियों में काम पाने के लिए जाल बिछाती थीं। जैसे ही किसी संपन्न परिवार का भरोसा जीत कर ये घर में प्रवेश पाती थीं, तो मालिक के आंख ओझल होते ही या परिवार के बाहर जाते ही अपने असली रंग में आ जाती थीं। मौका मिलते ही ये महिलाएं अपने नेपाली साथियों और दोस्तों को चुपके से घर के भीतर बुला लेती थीं और फिर अलमारियों, तिजोरियों से सोने-चांदी के बहुमूल्य जेवरात, मोटी नकदी और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो जाती थीं।

हैरानी की बात तो यह है कि यह कोई आम चोर गिरोह नहीं, बल्कि बेहद ही लग्जरी और हाई-टेक सिंडिकेट था। चोरी की बड़ी से बड़ी वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद, पकड़े जाने के डर से ये महिला आरोपी प्राइवेट गाड़ियों या फिर सीधी ‘हवाई जहाज’ (फ्लाइट) की टिकट लेकर नेपाल भाग जाती थीं। नेपाल में कुछ दिन अय्याशी करने और चोरी का माल ठिकाने लगाने के बाद, ये फिर से नए भेष और नई पहचान के साथ भारत के किसी दूसरे राज्य की हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में दाखिल होती थीं और फिर किसी नए घर को अपना शिकार बनाती थीं।

पुलिसिया पूछताछ में जब कानून का डंडा चला, तो दोनों गिरफ्तार महिला आरोपियों ने अपने जुर्म का इकबाल करते हुए जो राज उगले, उसने कई राज्यों की पुलिस को भी सकते में डाल दिया है। इन महिलाओं ने कबूल किया कि उन्होंने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य बड़े शहरों में भी करोड़ों की चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। इनमें पुणे के 3 बड़े घर, ठाणे का 1 और बेंगलुरु का 1 पॉश मकान शामिल है, जहां इन्होंने सफाई से डाका डाला था। आदिपुर पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने न केवल एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की रीढ़ तोड़ दी है, बल्कि देश भर में फैल रहे इस नेपाली सर्वेंट सिंडिकेट के खतरों का भी पर्दाफाश कर दिया है।