दिवाली की दहलीज़ पर गांधीधाम के घरों में प्यासे चूल्हे और खाली नल

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विशेष खोजी व प्रशासनिक रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम-कच्छ)। एक तरफ पूरा देश और गुजरात की प्रमुख औद्योगिक नगरी गांधीधाम रोशनी के पावन पर्व दिवाली के स्वागत की तैयारियों में जुटा है, घरों की कोने-कोने से साफ-सफाई चल रही है, रिश्तेदारों व मेहमानों का आना तय है और बच्चों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं—जहाँ पानी की एक-एक बूंद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है—ठीक उसी नाजुक और त्योहार के मौके पर गांधीधाम नगर पालिका की घोर लापरवाही, कुप्रबंधन और संवेदनहीनता के चलते शहर की जनता पानी की बूंद-बूंद को तरसने पर मजबूर है। त्योहार के इन पवित्र दिनों में भी आम नागरिकों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखना यह साबित करता है कि नगर पालिका का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और पंगु हो चुका है।

गांधीधाम महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव लतीफ आर. खलीफा ने इस गंभीर और जनविरोधी मुद्दे पर नगर पालिका प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सीधा और कड़ा सवाल दागा है। लतीफ आर. खलीफा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांधीधाम की जनता के हक का पानी आखिर किस प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ गया है? जब शहर का हर नागरिक और गृहणियां पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही हैं, तब नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर गहरी नींद में सोए हुए हैं। जनता की इस बुनियादी और जलती हुई समस्या का त्वरित समाधान निकालने की फुर्सत किसी भी प्रशासनिक कारिंदे के पास नहीं दिखती।

करोड़ों के जल-आपूर्ति बजट का खेल और खाली पड़े नल!

गांधीधाम नगर पालिका को जल आपूर्ति, पाइपलाइन नेटवर्क और नागरिक सुविधाओं के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट और अनुदान दिया जाता है। इसके बावजूद धरातल पर कड़वी सच्चाई यह है कि मुख्य इलाकों से लेकर रिहाइशी कॉलोनियों तक नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं और महिलाएं पानी की व्यवस्था के लिए दर-दर भटकने को विवश हैं। क्या नगर पालिका के अफसरों को इस बात का जरा भी अहसास नहीं है कि इस पावन पर्व पर पानी की किल्लत से आम परिवारों का जीवन कितना अस्त-व्यस्त हो रहा है? पानी के रख-रखाव और सुचारू वितरण के लिए आने वाला विशाल प्रशासनिक फंड आखिर किसकी लापरवाही की बलि चढ़ रहा है?

अवंतिका के युवराज गांधीधाम की जनता को मिल रहे इस प्रशासनिक दर्द पर गहरा आक्रोश जताते हुए नगर पालिका प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देता है कि अब और बहानेबाज़ी नहीं चलेगी। नगर पालिका की इस घोर नाकामी के कारण जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है, जो आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

गांधीधाम महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव लतीफ आर. खलीफा की इस जनहितैषी मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए ‘अवंतिका के युवराज’ यह साफ करता है कि यदि नगर पालिका ने तुरंत हरकत में आकर पूरे गांधीधाम शहर में नियमित, पर्याप्त और स्वच्छ जल आपूर्ति की बहाली नहीं की, तो जनता अपने हक के लिए नगर पालिका दफ्तर का घेराव करने से पीछे नहीं हटेगी। जब तक शहर के हर घर के नल में पानी नहीं आ जाता, तब तक नगर पालिका के इस निकम्मेपन के खिलाफ हमारी यह धारदार आवाज लगातार बुलंद होती रहेगी!