उज्जैन/आगर। जुनून और जज्बे की कोई सीमा नहीं होती, यह साबित कर दिखाया है आगर जिले की बेटी और इंगोरिया थाने में पदस्थ आरक्षक रानी ने। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा घोषित सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2025 के परिणामों में रानी ने प्रदेश स्तर पर 8वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे पुलिस विभाग का मान बढ़ाया है। आरक्षक के पद पर रहते हुए कठिन ड्यूटी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन रानी ने साबित किया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो रास्ते की हर बाधा बौनी हो जाती है।
ड्यूटी के साथ पढ़ाई, अनुशासन की नई मिसाल
इंगोरिया थाने की आरक्षक रानी ने अपनी मेहनत से यह सिद्ध किया है कि वर्दी पहनकर भी अपने सपनों को पंख दिए जा सकते हैं। एक तरफ थानों की भागदौड़ भरी ड्यूटी, समाज की सुरक्षा का जिम्मा और दूसरी तरफ सब-इंस्पेक्टर बनने का सपना—रानी ने इन दोनों मोर्चों को बखूबी संभाला। उन्होंने परीक्षा के कठिन चरणों को पार करते हुए सामान्य वर्ग (UR) में अपनी जगह सुनिश्चित की। उनके फाइनल स्कोर 505.87 अंक उनकी कड़ी मेहनत और एकाग्रता का प्रमाण हैं।
परिणाम के आंकड़े, प्रतिभा का पैमाना
रानी की सफलता का गणित बताता है कि उनकी तैयारी हर स्तर पर कितनी पुख्ता थी। परीक्षा के द्वितीय चरण में उन्होंने पेपर-1 में 226.37 और पेपर-2 में 187.50 अंक अर्जित किए। इसके साथ ही, शारीरिक दक्षता परीक्षा में 56 और साक्षात्कार में 36 अंकों के साथ उन्होंने कुल 505.87 का स्कोर हासिल किया। यह आंकड़े महज अंक नहीं, बल्कि उस संघर्ष की कहानी हैं जो उन्होंने थाने की चारदीवारी के भीतर रहते हुए लिखी है।
थाने में खुशी की लहर, सहयोगियों ने कहा- गर्व है
रानी की इस शानदार उपलब्धि पर इंगोरिया थाना परिवार में खुशी का माहौल है। थाना प्रभारी और स्टाफ का कहना है कि रानी ने अपनी ड्यूटी के दौरान कभी अपने लक्ष्यों से समझौता नहीं किया। स्टाफ की ओर से मिले प्रोत्साहन और सहयोग को रानी ने अपनी ताकत बनाया। उनके परिजनों और शुभचिंतकों का कहना है कि रानी की यह सफलता आज की बेटियों के लिए एक प्रेरणा का विषय है।
अवंतिका के युवराज का नजरिया, बेटियां जो दिशा बदल रही हैं
समाज में जब हम अक्सर अपराध और व्यवस्था की विफलताओं पर अपनी कलम चलाते हैं, तब रानी जैसी बेटियों की सफलता हमें यह विश्वास दिलाती है कि अभी भी प्रतिभाओं का सम्मान और उनका उदय हो रहा है। वर्दी का सम्मान करना और उसी वर्दी के भीतर रहकर अपनी पदोन्नति का मार्ग खुद प्रशस्त करना, यह एक अनुकरणीय उदाहरण है। अवंतिका के युवराज की ओर से रानी को इस अद्भुत सफलता पर ढेरों बधाई। आपकी यह सफलता न केवल आपके करियर के लिए, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक है जो चुनौतियों को अपनी ढाल बनाकर आगे बढ़ना चाहते हैं।










