नारी शक्ति का शंखनाद, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उज्जैन पुलिस की जांबाज ‘शक्ति’ ने दबोची ₹20,000 की इनामी हत्यारिन

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उज्जैन। आज जब पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नारी के सम्मान और सामर्थ्य के कसीदे पढ़ रही है, ठीक उसी समय धर्मनगरी उज्जैन के देवास गेट थाना क्षेत्र में खाकी की एक ‘शेरनी’ ने कर्तव्यपरायणता की ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। देवास गेट थाना प्रभारी अनिला पाराशर और उनकी टीम ने एक बेहद साहसी और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देते हुए शिवपुरी जिले के चर्चित शिक्षक हत्याकांड की फरार मुख्य आरोपी सविता लोधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ₹20,000 की इनामी यह महिला हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही कानून की आंखों में धूल झोंक रही थी, जिसे टीआई अनिला पाराशर की पैनी नजरों और सटीक रणनीति ने रंग पंचमी के पावन पर्व की गहमागहमी के बीच धर दबोचा।

यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहां एक तरफ रंगों का त्यौहार रंग पंचमी मनाया जा रहा था और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का गौरवमयी अवसर था। ऐसे समय में जब शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था, थाना प्रभारी अनिला पाराशर अपनी टीम के साथ संदिग्धों पर कड़ी नजर रख रही थीं। चेकिंग के दौरान उनकी अनुभवी नजरों ने एक संदिग्ध महिला को भांप लिया, जिसकी सक्रियता और हाव-भाव सामान्य नहीं थे। जब टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे घेरा और सख्ती से पूछताछ की, तो परतें दर परतें खुलती चली गईं और सामने आया एक खौफनाक सच। पकड़ी गई महिला कोई और नहीं बल्कि शिवपुरी जिले के भौती थाना अंतर्गत 1 दिसंबर 2025 को हुई शिक्षक कल्याण सिंह लोधी की नृशंस हत्या की मुख्य आरोपी सविता लोधी निकली।

उल्लेखनीय है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शिवपुरी जिले को हिलाकर रख दिया था। शिक्षक कल्याण सिंह लोधी की हत्या महज इसलिए कर दी गई थी क्योंकि वे राजीनामे के दबाव में नहीं आए थे। मुरारी लोधी और उसकी पत्नी सविता लोधी सहित अन्य आरोपियों ने गणेशखेड़ा वेयरहाउस के पास सरेराह शिक्षक की घेराबंदी की थी और उन पर कट्टे से गोली चलाकर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1), 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन सविता लोधी लगातार फरार चल रही थी। उस पर पुलिस विभाग द्वारा 20,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन एक महिला पुलिस अधिकारी द्वारा एक इनामी महिला अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाना महिला सशक्तिकरण का सबसे जीवंत उदाहरण बन गया है। टीआई अनिला पाराशर की इस त्वरित कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की पहुंच से बच नहीं सकता। इस गौरवशाली सफलता में टीआई अनिला पाराशर के साथ उनकी टीम के जांबाज सिपाही मनीष, शैलेश, सतीश, शशांक, एसआई नेहा, हेड कांस्टेबल अवधेश और हेड कांस्टेबल गोरेलाल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। इस टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और त्यौहार की सतर्कता को एक बड़ी उपलब्धि में बदल दिया।

देवास गेट थाना प्रभारी की इस कार्यशैली की उज्जैन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित आम जनता भी भूरी-भूरी प्रशंसा कर रही है। रंग पंचमी जैसे चुनौतीपूर्ण अवसर पर जब पुलिस का ध्यान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित रहता है, तब एक फरार हत्यारिन की शिनाख्त करना और उसे गिरफ्तार करना अनिला पाराशर की कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है। आज का दिन वास्तव में उज्जैन पुलिस के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है, जहां एक तरफ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ एक गंभीर अपराध की मुख्य कड़ी को सलाखों के पीछे भेजकर न्याय की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। देवास गेट पुलिस की इस सक्रियता ने अपराधियों के मन में खौफ और आम जनता के मन में खाकी के प्रति अटूट विश्वास पैदा कर दिया है।


खाकी की हुंकार, टीआई अनिला पाराशर के चर्चा के मुख्य अंश

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर देवास गेट थाना प्रभारी अनिला पाराशर ने चर्चा के दौरान एक बेहद प्रभावशाली और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्दी पहनने के बाद व्यक्ति की प्राथमिकता केवल न्याय और कर्तव्य होती है। अनिला पाराशर ने कहा कि अपराधी की कोई जाति, धर्म या लिंग नहीं होता, वह केवल एक अपराधी है जिसे उसके किए की सजा दिलाना ही पुलिस का परम धर्म है।

उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि आज जब पूरी दुनिया नारी शक्ति का उत्सव मना रही है, तब एक महिला पुलिस अधिकारी के रूप में एक इनामी हत्यारिन को सलाखों के पीछे पहुँचाना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज की हर उस बेटी के लिए एक प्रेरणा भी है जो खाकी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखती है।

अनिला पाराशर ने अपनी टीम की सजगता की प्रशंसा करते हुए कहा कि रंग पंचमी जैसे चुनौतीपूर्ण त्यौहार के दौरान जब लाखों की भीड़ शहर में होती है, तब एक फरार आरोपी को पहचानना हमारी टीम की व्यावसायिक कुशलता और पैनी नजर का प्रमाण है। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि उज्जैन पुलिस और विशेषकर देवास गेट थाना क्षेत्र में कानून का राज कायम रहेगा और किसी भी सूरत में शांति भंग करने वालों या जघन्य अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।