तप की शक्ति के आगे झुके सत्ता के शीश: उज्जैन में 250 तपस्वियों का वर्षीतप पारणा संपन्न, आशीर्वाद लेने पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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उज्जैन। धर्म और तप की नगरी उज्जैन में आज भक्ति और साधना का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री सौभाग्य सूर्य अणु जिनेन्द्र वाटिका में आचार्य प्रवर श्री उमेश मुनि जी म.सा. के सुशिष्य प्रवर्तक देव श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा. के सानिध्य में 250 से अधिक वर्षीतप आराधकों ने अपनी 13 माह की कठिन तपस्या का पारणा किया। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से चिमनगंज मंडी पहुँचे और गुरुदेव से आशीर्वाद लेकर तपस्वियों की अनुमोदना की।

​श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नयापुरा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और महापौर मुकेश टटवाल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने वर्षीतप के कठिन मार्ग की सराहना करते हुए कहा कि रसेंद्रियों पर विजय प्राप्त करना ही वास्तविक वीरता है।

​आयोजन के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा. ने फरमाया कि मानव जीवन दुर्लभ है, इसे ज्ञान और तप के माध्यम से मोक्ष की ओर ले जाना ही सार्थक है। कार्यक्रम में लाभार्थी परिवार कांकरिया बंधुओं का बहुमान किया गया। मीडिया संयोजक मनोज मेहता के अनुसार, 5 राज्यों से आए तपस्वियों ने गन्ने के रस (इक्षु रस) से अपना पारणा पूर्ण किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में जैन समाज के विभिन्न संगठनों और महिला मंडलों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।