कानून के चेहरे पर तमाचा, आजीवन कारावास का मुजरिम जमानत पर बाहर आते ही फिर बना ‘हैवान

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घायल युवक
उज्जैन की सड़कों पर सरेराह बहाया खून

उज्जैन धर्मनगरी उज्जैन के शांत वातावरण को एक बार फिर आदतन अपराधी और खूंखार बदमाश गोपी वाडिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर लहूलुहान कर दिया है। यह वही गोपी वाडिया है जिसने अगर रोड स्थित इंदिरा नगर में सरेराह गोली मारकर हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया था और अदालत ने उसे उसके पापों की सजा के तौर पर आजीवन कारावास की कालकोठरी में भेजा था। लेकिन अफसोस, कानून की ढील और जमानत की सुविधा का नाजायज फायदा उठाकर यह नरपिशाच जेल से बाहर आया और बाहर आते ही इसके भीतर का सोता हुआ शैतान फिर जाग उठा। शनिवार की रात करीब 8:30 बजे बाबा कैफे के बाहर जो खूनी मंजर देखा गया, उसने यह साबित कर दिया है कि इस अपराधी के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है और खाकी की धौंस इसके लिए महज एक मजाक बनकर रह गई है।

नीतेश उर्फ काऊ पर हुए इस कातिलाना हमले की पटकथा पहले से ही लिखी जा चुकी थी। गोपी वाडिया, चेंगूं बुंदेला, नीरज तुंडा और इनके दो अन्य गुर्गों ने घेरकर नीतेश को चाकुओं से इस कदर गोदा कि देखने वालों की रूह कांप गई। शरीर पर चार-चार इंच गहरे घाव इस बात के गवाह हैं कि हमलावर उसे जान से मारने की नीयत से ही आए थे। एक तरफ नीतेश जेके अस्पताल के आईसीयू में अपनी जिंदगी की आखिरी सांसों के लिए जद्दोजहद कर रहा है, तो दूसरी तरफ यह शातिर अपराधी जमानत की धज्जियां उड़ाकर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर एक हत्यारे को समाज के बीच खुलेआम घूमने की हिम्मत कहाँ से मिलती है? क्या कानून की कड़ाई केवल कागजों तक सीमित है या फिर इन बदमाशों के पीछे किसी बड़ी ताकत का हाथ है जो इन्हें बार-बार अभयदान दिला देती है?

घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी और नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस महकमे में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक सजायाफ्ता मुजरिम ने सरेआम शहर की कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखा है। पुलिस की टीमें लगातार इन भगोड़ों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उनके हर मददगार की कुंडली खंगाली जा रही है। वर्तमान में पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन बेखौफ दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है ताकि जनता के बीच पुलिस का इकबाल बुलंद हो सके। फिलहाल पुलिस द्वारा आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है और शहर के हर नाके पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है। अब देखना यह होगा कि क्या उज्जैन पुलिस इन अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने में सफल रहती है या ये शातिर बदमाश एक बार फिर कानून की आँखों में धूल झोंकने में कामयाब हो जाएंगे।

आरोपी जमानत पर बाहर गोपी वाडिया