उज्जैन। अपनी मेहनत और ईमानदारी से शहर की प्यास बुझाने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कर्मचारी आज खुद के हक के लिए खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। उज्जैन पीएचई विभाग के उपखंड 1, 2 और 3 के कर्मचारियों का माह मार्च का वेतन बिना कोई कारण बताए रोक लिया गया है। यह केवल एक प्रशासनिक देरी नहीं है, बल्कि उन हजारों उम्मीदों का गला घोंटना है जो महीने की पहली तारीख से जुड़ी होती हैं। विभाग के उन संवेदनहीन जिम्मेदारों को शायद यह अहसास ही नहीं है कि एक अदद वेतन रुकने से मध्यमवर्गीय परिवार की कमर टूट जाती है।
किसी की किस्त अटकी तो किसी का राशन बाकी: सरकारी लेटलतीफी ने छीनी गरीबों के चेहरे की मुस्कान
इन लापरवाह अधिकारियों को इस बात का भान तक नहीं है कि कर्मचारियों की गृहस्थी इसी मासिक आय पर टिकी होती है। किसी कर्मचारी के मकान की ईएमआई बाउंस हो रही है। किसी का बिजली बिल भुगतान मांग रहा है, तो किसी के पास मकान का किराया देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। साहबों के लिए यह सिर्फ एक कागजी देरी हो सकती है, लेकिन उन कर्मचारियों के लिए यह अस्तित्व का सवाल है जिनके पास हर महीने की एक-एक पाई का हिसाब पहले से तय रहता है।
विभाग की चौखट पर छलके बेबसी के आंसू: जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला कर्मचारियों का फूटा आक्रोश
आज जब अपनी पीड़ा लेकर कर्मचारी विभाग पहुंचे, तो वहां का नजारा हृदय विदारक था। अधिकारियों की बेरुखी देखकर कर्मचारियों का दुख आंखों से आंसू बनकर फूट पड़ा। दुखद पहलू यह रहा कि जिन जिम्मेदारों को समाधान करना था, उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। इस अन्याय के खिलाफ मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोलते हुए नगर निगम कार्यालय में उपायुक्त श्री संतोष टैगोर को प्रदेश संगठन मंत्री मनोहर गिरी एवं जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
संतोष टैगोर का दिखा बड़ा हृदय, कर्मचारियों के आंसुओं ने पिघलाया पत्थर 2 दिन में वेतन डालने का दिया भरोसा।
जब मामला नगर निगम उपायुक्त श्री संतोष टैगोर के संज्ञान में आया तो उन्होंने प्रशासनिक संवेदनशीलता और बड़ा हृदय दिखाते हुए कर्मचारियों की पीड़ा को समझा। उन्होंने मौके पर ही आश्वासन दिया कि अगले 2 दिन के भीतर सभी संबंधित कर्मचारियों का वेतन आहरित कर दिया जाएगा। श्री टैगोर ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कर्मचारियों को प्रतिमाह समय पर वेतन मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने फूंका रणशंख, 22 अप्रैल से कलम बंद महासंग्राम ठप होगी सरकारी व्यवस्था की चूलें
राज्य कर्मचारी संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 2 दिन में वेतन खातों में नहीं पहुंचा तो 22 अप्रैल से पूरे संभाग के कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर चले जाएंगे। इस अवसर पर संभाग उपाध्यक्ष राजकुमार सोलंकी, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ठाकुर, उदयभान सिंह यादव, राजेंद्र तिवारी, अशोक राव, जगदीश तिवारी, अनिल पांडे और पुष्पा कॉल सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रवक्ता राकेश पाठक ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अब कर्मचारियों के आत्मसम्मान और उनके परिवारों के हक की है, जिसे अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।










