खाकी को ठगने वाली फर्जी स्क्रिप्ट का भंडाफोड़ रौनक गुर्जर गैंग की फिल्मी साजिश ने शहर को किया शर्मसार

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उज्जैन। अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने और पुलिस की सहानुभूति बटोरने के लिए रौनक गुर्जर गैंग ने जो ‘खूनी ड्रामा’ रचा, उसने अपराध जगत के गिरते स्तर को उजागर कर दिया है। शहर की शांति भंग करने के लिए रची गई इस फर्जी स्क्रिप्ट ने न केवल पुलिस को गुमराह किया, बल्कि आम जनता में भी दहशत फैलाने की घिनौनी कोशिश की। पुलिस की पैनी नजरों ने इस गैंग के उस ‘थ्रिलर फिल्म’ वाले फार्मूले को फेल कर दिया है, जिसमें खुद को शिकार बताकर दूसरों को फंसाने की साजिश रची गई थी।
बोतल में खून भरकर बिछाई गई थी झूठ की बिसात, रौनक गैंग के शातिर बदमाशों ने कानून को समझा खिलौना।
पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाशों ने जो राज उगले हैं, वे किसी भी सभ्य समाज को डराने के लिए काफी हैं। चिमनगंज पुलिस की जांच में सामने आया कि रौनक गुर्जर के इशारे पर गैंग के गुर्गों ने खुद का खून निकालकर ड्रिप की बोतलों में भरा और उसे सड़कों पर इस तरह फैलाया जैसे कोई बड़ा खूनी हमला हुआ हो। खुद की गलती से घायल होने वाले बदमाश अतीक और उसके साथी राहुल ने इस फर्जीवाड़े के जरिए पुलिस को बुंदेला गैंग के खिलाफ उकसाने की कोशिश की थी। यह साजिश खाकी की आंखों में धूल झोंकने का एक असफल प्रयास साबित हुई।
मक्सी रोड की खंडहर फैक्ट्री बनी अपराध का हेडक्वार्टर, सिंथेटिक्स परिसर से संचालित हो रही हैं अवैध गतिविधियां।
सूत्रों और पुलिस तफ्तीश के अनुसार, मक्सी रोड स्थित बंद पड़ी श्री सिंथेटिक्स फैक्ट्री का विशाल परिसर अब रौनक गुर्जर गैंग का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। इन खंडहरों के भीतर बैठकर न केवल शहर के व्यापारियों को डराने-धमकाने की योजनाएं बनती हैं, बल्कि वसूली का काला कारोबार भी यहीं से संचालित हो रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह ‘अपराध की लंका’ अब पुलिस के रडार पर है। इन ठिकानों पर पुलिसिया दबिश ने गैंग के गुर्गों में हड़कंप मचा दिया है।

नाबालिगों के हाथों में ई-रिक्शा और पीछे नशे का जाल, नई पीढ़ी को गुमराह कर अपराध की दलदल में झोंक रही गैंग

रौनक और अनमोल गुर्जर गैंग का सबसे खतरनाक चेहरा वह है जिसमें उन्होंने शहर के युवाओं और नाबालिगों को मोहरा बनाया है। ई-रिक्शा चलाने के नाम पर इन युवाओं को मुखबिरी और नशा सप्लाई के काम में धकेला जा रहा है। शहर की गलियों में दौड़ते ये रिक्शा अब संदेह के घेरे में हैं। बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं को अपराध की इस अंधी गली में धकेलने वाली यह लॉबी अब बेलगाम होती जा रही है, जिस पर पुलिस का सख्त हंटर चलना अनिवार्य हो गया है।
इनामी बदमाशों की उलटी गिनती शुरू, एसपी प्रदीप शर्मा का आदेश—शहर की फिजा बिगाड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
उज्जैन पुलिस कप्तान प्रदीप शर्मा ने गैंगवार और फर्जीवाड़े की इस संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए रौनक और अनमोल गुर्जर सहित मुख्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी बदमाश शहर के व्यापारियों को डराएगा या फर्जी घटनाओं के जरिए पुलिस को गुमराह करेगा, उसकी जगह सिर्फ जेल की कालकोठरी होगी। फिलहाल रौनक गैंग के कई सदस्य पुलिस की रडार पर हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार ठिकानों पर हल्ला बोल रही हैं।