शक की आग में झुलसा प्यार, प्रेमी से झगड़े के बाद इंजीनियरिंग छात्रा ने मौत को गले लगाया

0
16

सुसाइड नोट के बिना ही बुझ गया जिंदगी का दीया

इंदौर। महानगर की चकाचौंध के बीच एक बार फिर एक हंसती-खेलती जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया। उज्जैन के प्रतिष्ठित एमआईटी कॉलेज में पढ़ने वाली 22 वर्षीय छात्रा जागृति कर्मा ने इंदौर में अपने प्रेमी हर्ष मिश्रा के फ्लैट पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना उस समय हुई जब दोनों के बीच किसी तीसरे युवक से बातचीत करने को लेकर तीखी बहस हुई थी। शक और अविश्वास की इस कड़वाहट ने जागृति को इस कदर तोड़ दिया कि उसने अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए आरोपी प्रेमी हर्ष के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में हर्ष ने स्वीकार किया कि उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। हर्ष को जागृति का अन्य युवकों से बात करना पसंद नहीं था और घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच भारी क्लेश हुआ। हर्ष का दावा है कि जब वह गुस्से में दूसरे कमरे में गया, उसी दौरान जागृति ने खौफनाक कदम उठा लिया। हालांकि, मृतका की मां ने इस कहानी में एक अलग मोड़ देते हुए संगीन आरोप लगाए हैं। मां के अनुसार, जागृति पिछले कई दिनों से तनाव में थी क्योंकि हर्ष शादी के वादे से लगातार मुकर रहा था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। लिव-इन में रह रहे इस जोड़े के बीच का यह रिश्ता सुरक्षा देने के बजाय छात्रा के लिए फांसी का फंदा साबित हुआ।

इंदौर पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। क्या यह सिर्फ शक का नतीजा था या शादी से इनकार और लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना ने जागृति को इस अंतिम निर्णय तक पहुंचाया, यह तफ्तीश का मुख्य केंद्र है। फिलहाल, हर्ष पुलिस की हिरासत में है और एक होनहार छात्रा का करियर और सपना उसके साथ ही राख हो गया है। यह घटना समाज और युवाओं के बीच बढ़ते अविश्वास और रिश्तों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।