हादसे को खुला न्योता: गांधीधाम में हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर के पास डाला ज्वलनशील कचरा

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विद्युत विभाग और पालिका की लापरवाही से मंडराया बड़ी विभीषिका का खतरा!

विशेष खोजी रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/गांधीधाम-कच्छ)। गांधीधाम शहर में फ्लाईओवर के समीप स्थित मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र में प्रशासनिक अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की एक बेहद खौफनाक और जानलेवा तस्वीर सामने आई है। किसी नजदीकी कमर्शियल बिल्डिंग या दुकान में चल रहे रिनोवेशन (जीर्णोद्धार) के काम के बाद निकले प्लाईवुड, लकड़ी के टुकड़े, सनमाइका, थर्माकोल और वेस्ट मटेरियल के भारी-भरकम ढेर को बेधड़क खुले में सड़क किनारे फेंक दिया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा ज्वलनशील कचरा ठीक उस जगह पटका गया है जहाँ बिजली का हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स लगा हुआ है।

तपती गर्मी और हाई-वोल्टेज लोड के इस दौर में विद्युत ट्रांसफार्मर में जरा सी स्पार्किंग या मामूली शॉर्ट सर्किट भी इस लकड़ी के ढेर में बारूद का काम कर सकती है। यदि इस ज्वलनशील मलबे ने आग पकड़ी, तो ट्रांसफार्मर एक बड़े धमाके के साथ फट सकता है, जिससे आसपास स्थित दर्जनों व्यावसायिक इमारतों, फाइनेंस दफ्तरों और रोजाना खड़े रहने वाले सैकड़ों दोपहिया वाहनों में भीषण तबाही फैलना तय है। इसके बावजूद, सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारियों और स्थानीय नगरपालिका प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। क्या गांधीधाम में इसी तरह की जानलेवा लापरवाही से स्वच्छता अभियान का नया इतिहास लिखा जा रहा है?

यहाँ सबसे बड़ा सवाल उन गैर-जिम्मेदार भवन मालिकों और ठेकेदारों पर उठता है, जिन्होंने अपना काम निपटाने के बाद इस जानलेवा कचरे को सीधे मौत के मुहाने पर लाकर पटक दिया। वहीं दूसरी तरफ, विद्युत मंडल के जिम्मेदार अधिकारियों की नाकामी भी साफ झलकती है कि शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित इतने संवेदनशील हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम तक नहीं किया गया है। ट्रांसफार्मर के चारों ओर न तो कोई लोहे का सुरक्षा घेरा (फेंसिंग) लगाया गया है और न ही नियमित सफाई की कोई व्यवस्था है। सुरक्षा घेरे के अभाव में यह जगह वाहन चालकों और राहगीरों के लिए मौत का खुला बुलावा बनी हुई है।

अवंतिका के युवराज यह सीधा सवाल उठाता है कि आखिर किस बड़े हादसे और जन-धन की जनहानि का इंतजार कर रहा है स्थानीय प्रशासन? क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से जागेंगे? स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की मांग है कि विद्युत मंडल और नगर पालिका तुरंत संज्ञान लेकर इस खतरनाक मलबे को यहाँ से हटवाएं, ट्रांसफार्मर के चारों तरफ मजबूत फेंसिंग करवाएं और सार्वजनिक स्थल पर इस तरह मौत का सामान फेंकने वाले ठेकेदार व भवन मालिक पर भारी जुर्माने के साथ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करें।