बारातियों के सामने ही खुला दुष्कर्म का कच्चा चिट्ठा रस्में छोड़ भाग खड़ा हुआ कलंकी दूल्हा
उज्जैन/रतलाम। शादी का जश्न उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया जब खुशियों के बीच पुलिस की एक कॉल ने दूल्हे के असली चेहरे से नकाब हटा दिया। बड़नगर का रहने वाला अभिषेक सेन कल अपनी बारात लेकर धूमधाम से रतलाम पहुंचा था लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी दरिंदगी की शिकार एक मासूम की चीखें उसका पीछा यहाँ तक कर लेंगी। जैसे ही वधू पक्ष को दूल्हे के खौफनाक कारनामों की भनक लगी शादी का मंडप रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और खुद को घिरता देख आरोपी दूल्हा बारातियों को बीच राह छोड़कर फरार हो गया।
पाप की पोटली लेकर शादी रचाने पहुंचा था अभिषेक
शिक्षक कॉलोनी बड़नगर के अभिषेक सेन ने जनवरी में एक नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया था। उसने न केवल मासूम की अस्मत लूटी बल्कि उसे डरा-धमकाकर खामोश कर दिया। दरिंदगी की इंतहा तो तब हुई जब वह पीड़िता को गर्भवती हालत में तड़पता छोड़कर खुद दूसरी शादी रचाने रतलाम पहुंच गया। 8 अप्रैल की रात जब वह घोड़ी पर बैठकर अपनी नई गृहस्थी के सपने देख रहा था तभी बड़नगर पुलिस ने पास्को एक्ट और दुष्कर्म के मामले की जानकारी देकर वधू पक्ष के होश उड़ा दिए।
पीड़िता का बलिदान लाया रंग एसिड पीकर भी दिलाई गवाही
यह पूरा मामला तब खुला जब दरिंदे की शादी की खबर सुनकर पीड़िता ने न्याय न मिलने पर 6 अप्रैल को तेजाब पीकर खुदकुशी की कोशिश की। अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ते हुए मासूम ने जो बयान दिए उसने रक्षक और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। मेडिकल जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि होते ही पुलिस सक्रिय हुई और शादी रुकवाने के लिए तत्काल रतलाम संपर्क किया गया। खबर है कि इस पूरे मामले को उजागर करने में एक स्थानीय पार्षद ने भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई है।
अब सवाल यहाँ उठना लाजिमी है कि क्या समाज में छिपे ऐसे ‘सफेदपोश’ दरिंदे कानून की आँखों में धूल झोंककर बच निकलेंगे? क्या उस मासूम के तेजाब से जले हलक को कभी न्याय की ठंडक मिल पाएगी? आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में चप्पे-चप्पे पर खाक छान रही है।










