दो कत्ल और बेरहम पति कोख में पल रहे मासूम के साथ पत्नी का भी घोंटा गला!

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बाथरूम में फंदा लगाकर रचा था खुदकुशी का नाटक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी जल्लाद की पोल

उज्जैन। नीलगंगा थाना क्षेत्र के अशोकनगर में 15 मार्च को हुई एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला अब रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड में बदल गया है। अपनी ही पत्नी और सात माह के अजन्मे शिशु का कातिल कोई और नहीं बल्कि वही पति निकला जो पुलिस के सामने घड़ियाली आंसू बहा रहा था। 23 दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आरोपी पति मायापुरी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक सोची-समझी खौफनाक साजिश के तहत की गई हत्या थी।

कोख में पल रही संतान बनी मौत की वजह

आरोपी मायापुरी एक निजी मैरिज गार्डन में केटरिंग और चौकीदारी का काम करता है। पूछताछ में जो सच सामने आया है वह किसी की भी रूह कंपा देने वाला है। उसकी पत्नी निर्मला सात माह की गर्भवती थी और अपने आने वाले बच्चे की खुशियां मनाना चाहती थी। लेकिन हैवानियत की हद देखिए कि आरोपी मायापुरी अभी बच्चा नहीं चाहता था। इसी बात को लेकर घर में आए दिन क्लेश होता था। आखिर में अपनी सनक और नफरत के चलते उसने न केवल अपनी पत्नी का गला घोंटा बल्कि उस मासूम की भी जान ले ली जिसने अभी दुनिया तक नहीं देखी थी।

पुलिस को गुमराह करने के लिए बुनी झूठी कहानी
15 मार्च की सुबह जब निर्मला का शव बाथरूम में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला तो आरोपी ने बड़े शातिर अंदाज में पुलिस को गुमराह किया। उसने कहानी सुनाई कि पत्नी गुना जाकर कुछ दस्तावेज बनवाना चाहती थी और मना करने पर उसने फांसी लगा ली। पड़ोसियों को भी झांसा देकर उसने आनन-फानन में शव अस्पताल पहुँचाया और अंतिम संस्कार भी कर दिया। उसे लगा था कि उसका यह गुनाह हमेशा के लिए दफन हो गया है लेकिन कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुँच ही गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उखाड़ फेंका झूठ का नकाब

नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट कर रख दी। रिपोर्ट में साफ हुआ कि निर्मला की मौत फांसी से नहीं बल्कि दम घोंटने के कारण हुई थी। उसे मारने के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया गया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर बुधवार देर शाम आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है।

अब सवाल यहाँ उठना लाजिमी है कि क्या समाज में छिपे ऐसे जल्लाद पति को जीने का हक है जो अपने ही खून का सौदागर बन जाए? क्या महज बच्चा न चाहने की वजह से कोई इतना बड़ा कातिल बन सकता है? पुलिस ने इस दरिंदे को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है लेकिन उस मासूम और उसकी माँ के साथ हुए अन्याय की गूंज पूरे शहर को झकझोर रही है।