देवासगेट पुलिस का स्मार्ट प्रहार, चाकू की नोक पर लूट करने वाला शातिर बदमाश रवि डाबी सलाखों के पीछे!

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आधी रात को घेराबंदी कर दबोचा गया 500 रुपये के लिए हमला करने वाला आदतन अपराधी

उज्जैन। महाकाल की नगरी में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पुलिस का डंडा अब और भी मजबूती से चलने लगा है। इसी कड़ी में देवासगेट थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चाकू की नोक पर लूट का प्रयास करने वाले और क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने आदतन बदमाश रवि डाबी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ संदेश दे दिया है कि शहर की शांति भंग करने वालों की जगह अब केवल जेल की कालकोठरी है।


शराब के रुपयों के लिए किया था खूनी हमला
मामला 13 जनवरी का है जब ढांचा भवन निवासी फरियादी गौरव राठौर फ्रीगंज से घर लौट रहे थे। तभी स्मार्ट रोड तालाब के सामने आरोपी रवि डाबी ने रास्ता रोककर शराब के लिए ₹500 की मांग की। मना करने पर इस बेरहम बदमाश ने चाकू से हमला कर गौरव को घायल कर दिया और थप्पड़-मुक्कों से जमकर मारपीट की। चश्मदीदों के बीच-बचाव के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया था लेकिन पुलिस की नजरों से बच नहीं पाया।

निरीक्षक अनिला पाराशर के नेतृत्व में मिली सफलता

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी देवासगेट निरीक्षक अनिला पाराशर के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस की यह टीम लगातार अपराधी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। 9 अप्रैल को मुखबिर की सटीक सूचना मिलते ही पुलिस ने कोयला फाटक चौराहे पर घेराबंदी की और 42 वर्षीय आरोपी रवि डाबी को धर दबोचा। आरोपी के कब्जे से हमले में इस्तेमाल किया गया धारदार स्टील का चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

अपराध जगत का पुराना चेहरा है रवि डाबी
पकड़ा गया आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं बल्कि पुराना हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ चिमनगंज मंडी और देवासगेट थाने में मारपीट और झगड़े के कई मामले पहले से दर्ज हैं। क्षेत्र में भय फैलाकर अवैध वसूली करना इसकी पुरानी फितरत रही है। पुलिस अब इसे माननीय न्यायालय में पेश कर रही है जहाँ से इसे अपने किए की सजा मिलना तय है।

अब सवाल यहाँ उठना लाजिमी है कि क्या ऐसे अपराधियों के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र की जनता अब सुकून की सांस ले पाएगी? देवासगेट पुलिस की इस कार्यवाही ने आमजन के मन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। उज्जैन पुलिस की यह प्रतिबद्धता अपराधियों के मनोबल को तोड़ने के लिए सराहनीय कदम है।