रिश्तों का कत्ल उज्जैन में कलियुगी पत्नी का खौफनाक चेहरा, पति और सास-ससुर को चाकुओं से गोदा!

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टीवी की आवाज ने सुलगाई नफरत की आग, मायके से बुलाए गुंडों ने घर में घुसकर मचाया तांडव

उज्जैन। महाकाल की नगरी के पंथपिपलई गांव में रिश्तों की पवित्रता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। मामूली से विवाद में एक पत्नी इस कदर ‘जल्लाद’ बन गई कि उसने अपने ही सुहाग को खून से नहलाने के लिए अपने भाइयों और पिता की फौज उतार दी। यह हमला इतना बर्बर था कि हमलावरों ने न केवल पति संजय को मरणासन्न कर दिया बल्कि बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग सास-ससुर को भी लहूलुहान कर दिया।
जंग का मैदान बना घर मामूली कहासुनी और खूनी अंजाम
घटना की शुरुआत सिर्फ एक टीवी की आवाज कम करने को लेकर हुई थी। मिस्त्री का काम करने वाले संजय चौहान ने अपनी पत्नी सीमा बाई को टोका क्या, मानो उसने मौत को दावत दे दी हो। विवाद से बचने के लिए संजय अपने माता-पिता के घर जाकर सो गया था लेकिन साजिश रच रही सीमा ने सांवेर के पास स्थित अपने मायके नागपुर से पिता तोलाराम और भाइयों को हथियारों के साथ बुला लिया। इन लोगों ने घर में घुसकर संजय और उसके परिवार पर लाठियों और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
MP में पतियों पर बढ़ता लेडी डॉन का कहर
मध्य प्रदेश में इन दिनों पत्नियों द्वारा पतियों पर किए जा रहे जानलेवा हमलों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में धार जिले में जिस तरह एक पत्नी ने अपने ही पति की जीवनलीला समाप्त कर दी थी उसने समाज के माथे पर कलंक लगा दिया था। उसी तर्ज पर अब उज्जैन में भी पत्नियां कानून हाथ में ले रही हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और सात फेरों का बंधन खून के धब्बों में तब्दील हो जाए तो समझ लेना चाहिए कि सामाजिक पतन शुरू हो चुका है।
6 साल का साथ और 2 मासूम बच्चों का भी नहीं आया ख्याल
हैरानी की बात यह है कि संजय और सीमा की शादी को 6 साल बीत चुके हैं और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। लेकिन नफरत की अंधी हो चुकी सीमा को अपने बच्चों के भविष्य की भी चिंता नहीं हुई। गंभीर रूप से घायल संजय अभी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। नानाखेड़ा पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन सवाल यह है कि क्या घर की चारदीवारी के भीतर अब पुरुष सुरक्षित हैं?
अब सवाल यहाँ उठना लाजिमी है कि क्या मामूली विवादों का समाधान अब खून-खराबा ही रह गया है? धार से लेकर उज्जैन तक पत्नियों का यह हिंसक चेहरा क्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है?