73 लाख की महाठगी का वांछित मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार, 7 दिन की पुलिस रिमांड पर उज्जैन पुलिस!
विशेष खोजी रिपोर्ट (अवंतिका के युवराज/उज्जैन)। धार्मिक नगरी उज्जैन में करोड़ों रुपये के फर्जी टेंडर और निवेश के नाम पर फल-फूल रहे आर्थिक अपराधों के खिलाफ उज्जैन पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना माधवनगर पुलिस की विशेष टीम ने मेघालय सरकार के सोलर स्ट्रीट लाइट एवं पोल सप्लाई के 19.68 करोड़ रुपये के फर्जी प्रोजेक्ट का झांसा देकर 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी को न्यायालय में पेश कर 7 दिनों की कस्टडी रिमांड पर लिया गया है, जिससे अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय-स्तरीय ठगी सिंडिकेट के कई बड़े राज बेनकाब होने की उम्मीद है।
पूरे घटनाक्रम की परतें उधेड़ते हुए फरियादी जितेन्द्र सिंह सोलंकी ने थाना माधवनगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मेघालय शासन के 19.68 करोड़ रुपये के बड़े सोलर प्रोजेक्ट में भारी-भरकम मुनाफा दिलाने का सब्जबाग दिखाया था। टेंडर और सप्लाई का झांसा देकर फरियादी से ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद के रूप में कुल 73 लाख रुपये एेंठ लिए गए। मोटी रकम हड़पने के बाद जब टेंडर के तहत सामग्री सप्लाई करने का समय आया, तो आरोपियों ने हाथ खड़े कर दिए और पीड़ित के पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
KSF ग्रुप इंडिया लिमिटेड का फर्जीवाड़ा और पुलिस का कड़ा प्रहार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर गुरुप्रसाद पाराशर और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी माधवनगर गजेन्द्र पचोरिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने KSF ग्रुप इंडिया लिमिटेड के निदेशक अभय प्रकाश सहित हरपाल सिंह उर्फ आसंजय सिंह, हितेन्द्र सिंह राणावत, पवन राव और फैय्याज चिकोड़े के खिलाफ धारा 318(4) व 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत संगीन धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज किया।
माधवनगर पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए लंबे समय से दिल्ली में छिपा बैठा आरोपी फैय्याज चिकोड़े (पिता अप्पा साहेब चिकोड़े) को गिरफ्तार कर लिया। 12 सितंबर को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस कस्टडी के दौरान उप निरीक्षक अंकित बनोठा और थाना प्रभारी गजेन्द्र पचोरिया आरोपी से ठगी गई 73 लाख की रकम के ट्रेल, फर्जी कागजात और गिरोह के अन्य सहयोगियों के बारे में कड़ी पूछताछ कर रहे हैं।
5 नामजद आरोपियों में से 3 सलाखों के पीछे, 1 फरार
73 लाख रुपये के इस हाई-प्रोफाइल टेंडर घोटाले में कुल 05 आरोपी नामजद हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अब तक 03 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेला जा चुका है, जबकि 01 फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
अवंतिका के युवराज यह स्पष्ट करता है कि उज्जैन में निवेश और सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर चल रहे इस तरह के फर्जी कॉर्पोरेट ठगों का नेटवर्क बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। दिल्ली से हुई इस गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि खाकी का शिकंजा अब इन सफेदपोश अपराधियों तक पहुँच चुका है और पुलिस रिमांड के दौरान घोटाले की पूरी कट-मनी और नेटवर्क की परतें खुलना तय है।










