मुनि नगर तालाबों पर स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष पहरा, भीषण गर्मी के बीच जलीय जीवों को बचाने हेतु वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर

उज्जैन। भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली हीट वेव के बीच उज्जैन जिले की मत्स्य संपदा को सुरक्षित रखने के लिए मत्स्य पालन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। महिदपुर क्षेत्र में शिप्रा नदी के जलस्तर में परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण मछलियों के जीवन पर उत्पन्न हुए संकट को देखते हुए विभाग ने त्वरित प्रभाव से बचाव के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सहायक संचालक नीलम नर्रे ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में मछलियों की सुरक्षा के लिए जल प्रबंधन और ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखना अनिवार्य है। विभाग के अनुसार, अचानक बढ़ते तापमान (हीट वेव) के कारण तालाबों के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो मछलियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इस समस्या से निपटने के लिए मत्स्य पालकों को ताजे पानी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करने और जलस्तर को कम से कम 5 से 6 फीट तक बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि गहराई के कारण पानी जल्दी गर्म न हो सके।
मुनि नगर स्थित दो प्रमुख तालाबों के संबंध में विभाग का दृष्टिकोण अत्यंत स्पष्ट और कड़ा है। इन तालाबों के नवनिर्माण और जीर्णोद्धार के साथ-साथ नगर निगम की स्वच्छता नीतियों का पूर्ण पालन किया जा रहा है ताकि जलीय पर्यावरण दूषित न हो। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मछलियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए नगर निगम के स्वच्छता मानकों का कड़ाई से क्रियान्वयन होगा। सहायक संचालक नीलम नर्रे के नेतृत्व में विभाग ने विकास कार्यों और पर्यावरणीय संतुलन के बीच एक मजबूत तालमेल बिठाया है। इसी क्रम में क्षेत्र में हो रहे रोड चौड़ीकरण के कार्यों का भी विभागीय स्तर पर समर्थन किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ मत्स्य व्यापार और परिवहन के मार्ग भी सुदृढ़ हो सकें।
मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करते हुए विभाग ने कड़े निर्देश दिए हैं कि दोपहर की कड़ी धूप में मछलियों को चारा न दिया जाए। मछलियों को केवल सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद ही भोजन देने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें हीट स्ट्रोक से बचाया जा सके। यदि मछलियां पानी की सतह पर आकर सांस लेती हुई दिखाई दें, तो इसे ऑक्सीजन की कमी का संकेत मानकर तत्काल ट्यूबवेल या सबमर्सिबल पंप के जरिए ठंडा और ताजा पानी डालने का निर्देश दिया गया है। सहायक संचालक की इस सक्रियता और मुनि नगर तालाबों पर स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने जिले के मत्स्य पालकों को एक नई दिशा दी है। विभाग का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि उज्जैन की जलीय संपदा को हर प्रकार के प्राकृतिक और मानवीय संकटों से सुरक्षित रखना है।










