उज्जैन। अपराधी चाहे पाताल में छिप जाए या उसे रसूखदारों का संरक्षण मिले, लेकिन जब पुलिस की नीयत साफ हो और कप्तानी सख्त, तो बच पाना नामुमकिन है। देवासगेट थाना क्षेत्र के हीरामील की चाल में हुई सनसनीखेज फायरिंग की वारदात के बाद थाना प्रभारी और उनकी टीम ने जिस मुस्तैदी से काम किया है, उसने अपराधियों के छक्के छुड़ा दिए हैं। फायरिंग के मुख्य आरोपी जय उर्फ बच्चा को पहले ही जेल की हवा खिलाने वाली पुलिस ने अब फरार आरोपी अनमोल गुर्जर की ‘मदद’ करने वाली पूरी गैंग को दबोच लिया है। पुलिस की इस बिजली जैसी फुर्ती ने यह साफ कर दिया है कि उज्जैन की सड़कों पर गुंडागर्दी करने वालों के लिए अब केवल कालकोठरी ही बची है।
शादी से लौट रहे युवक पर बरसाई थी गोलियां, कट्टे से जांघ छलनी करने वाले जय उर्फ बच्चा को पुलिस ने पूर्व में ही भेजा जेल।
बीती 14 अप्रैल की रात ने पूरे इलाके को उस वक्त दहला दिया था जब लव निर्मल नाम का युवक एक शादी समारोह से लौटकर अपनी मोटरसाइकिल लेने हीरामील की चाल पहुँचा था। वहाँ पहले से घात लगाए बैठे जय चौहान, अनमोल गुर्जर और उनके साथियों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए लव को घेर लिया। गाली-गलौज और मारपीट के बाद जय ने अपनी कमर से 12 बोर का देशी कट्टा निकाला और लव की जांघ पर फायर कर दिया। खून से लथपथ लव अस्पताल पहुँचाता, उससे पहले ही आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवासगेट पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर मुख्य आरोपी जय उर्फ बच्चा को दबोच लिया और उसके पास से वारदात में प्रयुक्त घातक कट्टा भी बरामद कर लिया।
फरारी में मदद करने वालों का भी फूटा घड़ा, विकास सिरोलिया के खुलासे ने पुलिस के हाथ सौंपी पूरी सपोर्टिंग गैंग।
पुलिस की तफ्तीश सिर्फ मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रही। थाना प्रभारी ने अपनी टीम को उन चेहरों को बेनकाब करने का काम सौंपा जो पर्दे के पीछे से अपराधियों को भागने में मदद करते हैं। इसी कड़ी में पुलिस ने विकास सिरोलिया को गिरफ्तार किया, जिसने दो दिन के रिमांड के दौरान पुलिस की ‘सख्ती’ के आगे घुटने टेक दिए। विकास ने कबूल किया कि उसने मुख्य आरोपी अनमोल गुर्जर को शहर से भगाने में मदद की थी। विकास के कबूलनामे ने पुलिस के सामने उन पाँच और नामजद गुर्गों के नाम उगल दिए जिन्होंने कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की थी। नवनीत, यश, जतिन, प्रीतम और शीतल जैसे मददगार अब पुलिस की अभिरक्षा में अपनी करनी का हिसाब दे रहे हैं।
बाइक और स्कूटी जप्त, अब अनमोल की बारी, ढाई लाख के वाहन बरामद कर पुलिस ने तोड़ी अपराधियों की सप्लाई लाइन।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उन वाहनों को भी जप्त कर लिया है जिनका उपयोग मुख्य आरोपी को पुलिस की पकड़ से दूर ले जाने के लिए किया गया था। इनमें एक पल्सर बाइक और एक सुजुकी एक्सेस स्कूटी शामिल है, जिनकी कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई ने फरार अनमोल गुर्जर की ‘सप्लाई लाइन’ काट दी है। अब अनमोल गुर्जर अकेला पड़ चुका है और पुलिस की टीमें लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अनमोल भी सलाखों के पीछे होगा और उसकी अकड़ ढीली कर दी जाएगी।
जांबाज पुलिस टीम की मेहनत लाई रंग, टीआई के नेतृत्व में इन शूरवीरों ने अपराधियों के मंसूबों को किया ध्वस्त।
इस पूरी गुत्थी को सुलझाने और खूंखार अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में देवासगेट थाना प्रभारी के साथ उनकी टीम के जांबाज सिपाहियों का विशेष योगदान रहा। इस सराहनीय कार्रवाई में टीआई अनिला पाराशर, सब-इंस्पेक्टर राधेश्याम अवालिया, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रामेश्वर, हेड कांस्टेबल अवधेश, धर्मेंद्र और सुमित सोलंकी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। साथ ही, अपराधियों को दबोचने में कांस्टेबल विनोद, सतीश, जितेंद्र, निर्मला, साधना, संतोष, सतीश पटेल और सुनील ने दिन-रात एक कर दिया। टीम के इन सदस्यों की सजगता के कारण ही आज क्षेत्र के गुंडे भूमिगत होने पर मजबूर हैं।
जनता का भरोसा ही हमारी ताकत, थाना प्रभारी के पिछले कार्यों पर क्षेत्र में पूर्व में भी हुआ था ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत।
उल्लेखनीय है कि देवासगेट थाना प्रभारी ने जब से कमान संभाली है, वे लगातार अपराधियों पर काल बनकर टूट रहे हैं। उनके इसी बेदाग और सख्त कार्यशैली को देखते हुए थाना क्षेत्र के रहवासियों ने पूर्व में भी उनका ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया था। आज की यह त्वरित कार्रवाई उस भरोसे पर मुहर लगाती है जो जनता ने पुलिस पर जताया है। रहवासियों में पुलिस का इकबाल बढ़ा है और अपराधियों में खौफ। थाना प्रभारी की इस रणनीति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देवासगेट थाना क्षेत्र में अब केवल कानून का राज चलेगा और आम आदमी निर्भय होकर सो सकेगा।

गुंडों को पनाह देने वालों को थाना प्रभारी की खुली चेतावनी, रडार पर हैं अपराधी, शहर छोड़ दें या जेल जाने को तैयार रहें।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद देवासगेट थाना प्रभारी ने अपराधियों और उनके रहनुमाओं को कड़ा संदेश दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि शहर की शांति भंग करने वाला कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी को फरारी में मदद करना भी उतना ही बड़ा जुर्म है जितना अपराध करना। अनमोल गुर्जर की मदद करने वालों को पकड़कर यह साफ कर दिया गया है कि पुलिस के रडार से कोई बच नहीं पाएगा। अनमोल गुर्जर भी जल्द ही गिरफ्त में होगा। अपराधियों के पास अब केवल दो ही रास्ते हैं—या तो वे अपराध की दुनिया छोड़ दें या फिर जेल की सलाखों के पीछे सड़ने के लिए तैयार रहें।










