जेल में सनसनीखेज खुलासा मोबाइल तंबाकू और नोटों के दम पर बिक रही सुरक्षा!

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5 हजार की रिश्वत में ईमान बेच रहे प्रहरी सलाखों के पीछे कैदियों की मौज


उज्जैन। उज्जैन की केंद्रीय जेल में सुरक्षा के नाम पर जो तमाशा चल रहा था उसका अब कच्चा चिट्ठा खुल गया है। जेल सुपरिंटेंडेंट मनोज साहू के औचक निरीक्षण ने जेल के भीतर चल रहे ‘काले साम्राज्य’ की पोल पट्टी खोलकर रख दी है। तलाशी के दौरान जेल के अंदर से मोबाइल फोन ₹7000 नगद और तंबाकू के पैकेट बरामद हुए हैं। यह घटना बताती है कि जेल की दीवारें अब अपराधियों को रोकने के लिए नहीं बल्कि उन्हें ऐशो-आराम मुहैया कराने का जरिया बन गई हैं।


वर्दी हुई शर्मसार, प्रहरियों ने ही पहुँचाया सामान

इस पूरे खेल के पीछे सुरक्षा में तैनात प्रहरियों का नाम सामने आना सबसे शर्मनाक है। बताया जा रहा है कि जेल प्रहरी परमवीर सिंह ने मात्र ₹5000 के लालच में मोबाइल जेल के भीतर कुलदीप नामक बंदी तक पहुँचाया था। वहीं एक अन्य प्रहरी नरेंद्र चौधरी पर भी तंबाकू और पैसे अंदर ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। जब रक्षक ही भक्षक बनकर सौदा करने लगें तो व्यवस्था का राम ही मालिक है।

आजीवन कारावास वाले कैदियों का दबदबा मुलाकातों पर पाबंदी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तीन आजीवन कारावास काट रहे बंदियों की मुलाकातों पर एक महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि सवाल यह है कि क्या यह दिखावे की कार्रवाई काफी है? जेल के अंदर जिस तरह खुलेआम सामान पहुँच रहा है वह किसी बड़े सिंडिकेट की तरफ इशारा कर रहा है जिसे जेल के भीतर से ही खाद-पानी मिल रहा है।

जमानत के बाद भी जेल से सरकार चला रहा चौक CEO
इस कांड में सबसे रहस्यमयी भूमिका उस चौक CEO की है जिसकी जमानत के ऑर्डर हो चुके हैं लेकिन फिर भी वह जेल से बाहर नहीं जा रहा। जेल के गलियारों में चर्चा है कि वह जेल के भीतर रहकर ही पूरी व्यवस्था को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है। आखिर ऐसी क्या सेटिंग है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उसकी रवानगी नहीं की जा रही? क्या वह सलाखों के पीछे बैठकर किसी बड़े रसूखदार के इशारे पर सिस्टम चला रहा है?

अब सवाल यहाँ उठना लाजिमी है कि क्या जेल अब अपराधियों के लिए सुधार गृह के बजाय ‘पिकनिक स्पॉट’ बन गई है? क्या महज दो प्रहरियों पर गाज गिराने से यह गंदगी साफ हो जाएगी? जेल प्रशासन और कलेक्टर को यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर कब तक रसूखदारों के दबाव में जेल के नियम ताक पर रखे जाएंगे।