भजन गायिका आरती सैनी की मधुर आवाज से गुंजायमान हुआ नानाखेड़ा, बाबा श्याम के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

0
3

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के सार्थक नगर क्षेत्र में बाबा श्याम की भव्य भजन संध्या और कीर्तन का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें भक्ति और संगीत का ऐसा संगम देखने को मिला कि समूचा क्षेत्र श्याम के जयकारों से गूंज उठा। 59-C सार्थक नगर स्थित कायस्थ धर्मशाला के समीप शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित इस गरिमामय आयोजन में मुख्य आकर्षण उभरती हुई भजन गायिका आरती सैनी रहीं जिन्होंने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। मात्र 2 वर्षों के अल्प समय में गायकी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली आरती सैनी ने जब अपनी मधुर और सुरीली आवाज में बाबा श्याम के भजनों की गंगा बहाई तो पूरा नानाखेड़ा क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर हो गया। आरती की गायकी में वो कशिश और श्रद्धा नजर आई जिसने पाण्डाल में मौजूद हर भक्त को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके साथ मंच पर भजन गायकी के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे वरिष्ठ गायक नरेंद्र उज्जैनी ने भी अपनी अनुभवी आवाज से समां बांध दिया।


इस दिव्य भजन संध्या में ‘श्री राधे-राधे म्यूजिकल ग्रुप’ उज्जैन के कलाकारों ने संगीत की ऐसी सुमधुर लहरें बिखेरीं कि वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। नरेंद्र उज्जैनी के नेतृत्व में इस म्यूजिकल ग्रुप ने वाद्य यंत्रों पर अपनी निपुणता का प्रदर्शन करते हुए भजनों को एक नई ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान 19 मार्च को बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया गया था जिसकी नयनाभिराम झांकी देखते ही बन रही थी। ‘हम सब के श्याम परिवार’ उज्जैन द्वारा की गई दरबार सेवा ने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। बाबा श्याम को 56 भोग अर्पित किए गए और भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन लाभ लिए। कार्यक्रम में न्यू मेहता साउंड नरवर की उत्कृष्ट ध्वनि सेवा ने मधुर संगीत को जन-जन के कानों तक स्पष्टता के साथ पहुँचाया जिससे भक्ति का आनंद दोगुना हो गया।

शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित इस कीर्तन में देर रात तक भजनों का दौर चलता रहा जहाँ आरती सैनी की आवाज की मिठास ने लोगों को अंत तक बांधे रखा। स्थानीय निवासियों का कहना था कि आरती सैनी ने जिस प्रकार अपनी गायकी से बाबा के प्रति समर्पण भाव व्यक्त किया है वह वास्तव में सराहनीय है और आने वाले समय में वे भजन गायकी के आकाश में एक चमकते सितारे के रूप में स्थापित होंगी। अंत में बाबा की भव्य आरती की गई और महाप्रसाद का वितरण हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर पुण्य लाभ कमाया। यह संपूर्ण आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था बल्कि संगीत और श्रद्धा का एक ऐसा उत्सव बन गया जिसे क्षेत्रवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।