अनिला पाराशर के नेतृत्व में शराबियों और लापरवाह चालकों के विरुद्ध देवास गेट पुलिस का महाअभियान

उज्जैन जिले के देवास गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जीरो पॉइंट ब्रिज पर आज उस समय हलचल बढ़ गई जब थाना प्रभारी अनिला पाराशर के नेतृत्व में पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और शराब पीकर वाहन चलाने वाले हुड़दंगियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से यहाँ एक सघन चेकिंग पॉइंट लगाया गया था। पुलिस की इस मुस्तैदी का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाना और मौत की रफ्तार पर ब्रेक लगाना था। ब्रिज के संवेदनशील मोड़ और भारी
यातायात को देखते हुए पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

चेकिंग पॉइंट पर उमड़ा बच्चों का सैलाब और खाकी के प्रति दिखा भविष्य के रक्षकों का भारी उत्साह
जब पुलिस बल मुस्तैदी के साथ वाहनों की जाँच कर रहा था, तभी एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चों ने जब पुलिस को जनसेवा करते देखा, तो उनके मन में भी वर्दी के प्रति आकर्षण और देशप्रेम का जज्बा हिलोरे मारने लगा। ये नन्हे बालक अपनी जिज्ञासा लेकर सीधे थाना प्रभारी अनिला पाराशर के पास पहुँच गए और उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग में हाथ बँटाने की इच्छा जताई। बच्चों के इस निस्वार्थ भाव और उत्साह को देखते हुए पुलिस टीम ने भी उन्हें निराश नहीं किया और उन्हें इस अभियान का हिस्सा बनाया गया।

नन्हे जांबाजों को मिला जनसेवा का व्यावहारिक ज्ञान और पुलिस कार्यप्रणाली की बारीकियों से कराया गया परिचय
थाना प्रभारी अनिला पाराशर ने बच्चों को अपने साथ खड़ा कर उन्हें चेकिंग की बारीकियों से अवगत कराया। बच्चों को बड़े ही सरल ढंग से समझाया गया कि किस प्रकार एक शराबी चालक पूरी सड़क पर चल रहे मासूम लोगों की जान जोखिम में डाल देता है। उन्हें बताया गया कि पुलिस द्वारा ब्रीथ एनालाइजर का उपयोग कैसे किया जाता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई क्यों आवश्यक है। बच्चों ने बड़े ध्यान से इन तकनीकी और नैतिक बातों को समझा और पुलिस की कार्यशैली को करीब से महसूस किया जो आमतौर पर आम नागरिक नहीं देख पाते।
समाज के लिए एक बड़ा संदेश और बच्चों के माध्यम से बिगड़ैल वाहन चालकों को मिली नैतिक सीख
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि जब चेकिंग के दौरान वाहन चालक बच्चों को पुलिस के साथ खड़ा देखते, तो वे स्वयं लज्जित महसूस करते। बच्चों ने अपनी मासूम आवाज़ में जब लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की, तो उसका प्रभाव किसी भारी जुर्माने से कहीं अधिक दिखा। अनिला पाराशर की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि पुलिसिंग केवल डंडे के दम पर नहीं, बल्कि समाज को साथ लेकर और नई पीढ़ी को संस्कारित करके भी की जा सकती है। यह अभियान न केवल सुरक्षा की दृष्टि से सफल रहा बल्कि इसने सामुदायिक पुलिसिंग की एक नई मिसाल पेश की।
थाना प्रभारी अनिला पाराशर की दूरदर्शिता ने जीता उज्जैन वासियों का दिल और बनी जन-चर्चा की वजह
देवास गेट पुलिस की इस सकारात्मक पहल की पूरे उज्जैन जिले में सराहना हो रही है। थाना प्रभारी अनिला पाराशर ने जिस तरह से बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा दी और उन्हें जनसेवा के महत्व से जोड़ा, उसने पुलिस विभाग की छवि को और अधिक मानवीय बना दिया है। लोगों का कहना है कि अगर बचपन से ही बच्चों को कानून और सुरक्षा के प्रति इस तरह जागरूक किया जाए, तो भविष्य में अपराध और दुर्घटनाओं की संख्या में स्वत, ही कमी आ जाएगी। जीरो पॉइंट ब्रिज पर हुई यह चेकिंग आज केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई न रहकर एक सामाजिक जागरूकता अभियान बन गई।










